छत्तीसगढ़ में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी पर बवाल: राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल का केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना, विपक्ष ने बताया अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न
छत्तीसगढ़ में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी पर बवाल: राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल का केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना, विपक्ष ने बताया अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी को लेकर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक सियासी बवाल मच गया है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को संसद में जोरशोर से उठाया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने गिरफ्तारी के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“छत्तीसगढ़ में कैथोलिक ननों को उनकी आस्था के लिए निशाना बनाया गया और उन्हें जेल भेजा गया। यह न्याय नहीं है, यह भाजपा-आरएसएस की भीड़तंत्र की हुकूमत है। यह एक खतरनाक पैटर्न को दर्शाता है, जिसमें इस सरकार के तहत अल्पसंख्यकों का व्यवस्थित उत्पीड़न हो रहा है।”
वहीं, केसी वेणुगोपाल ने भी X पर लिखा,
“यूडीएफ सांसदों ने आज संसद के बाहर छत्तीसगढ़ के दुर्ग में कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्हें बिना किसी गलत काम के हिंसक भीड़ द्वारा निशाना बनाया गया।”
उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस ने इस अवैध गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिखा है।
दूसरी ओर, मामले में नया मोड़ तब आया जब यह सामने आया कि गिरफ्तार की गई नन कथित रूप से बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के आदिवासी बच्चों को उत्तर प्रदेश ले जा रही थीं। प्रशासन ने बच्चों के बयान और दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई की थी।
हालांकि, इस पर अब केरल के मुख्यमंत्री ने भी प्रतिक्रिया दी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या केरल के मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ की पुलिस कार्रवाई की पूरी जानकारी है? यदि नहीं, तो छत्तीसगढ़ सरकार को चाहिए कि वह केरल सरकार को पूरी स्थिति से अवगत कराए और मामले की वास्तविकता सामने लाए।
मायने
यह मामला अब केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील राजनीतिक और धार्मिक बहस का रूप ले चुका है। जहां एक ओर विपक्ष इसे अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न से जोड़कर देख रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन इसे बच्चों की सुरक्षा से संबंधित जरूरी कदम बता रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी तूल पकड़ सकता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0