रैली–सभा के लिए अब कड़े नियम: निगम–एसडीएम की मंजूरी के साथ फायर, बिजली और पुलिस से भी लेनी होगी एनओसी

Now strict rules for rallies and meetings: Along with the approval of corporation and SDM, NOC will have to be taken from fire, electricity and police as well रैली–सभा के लिए अब कड़े नियम: निगम–एसडीएम की मंजूरी के साथ फायर, बिजली और पुलिस से भी लेनी होगी एनओसी
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रैली–सभा के लिए अब कड़े नियम: निगम–एसडीएम की मंजूरी के साथ फायर, बिजली और पुलिस से भी लेनी होगी एनओसी

रैली–सभा के लिए अब कड़े नियम: निगम–एसडीएम की मंजूरी के साथ फायर, बिजली और पुलिस से भी लेनी होगी एनओसी

सार्वजनिक मैदान, सड़क और चौक पर आयोजनों पर रोक

रायपुर। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में अब अस्थायी पंडाल और डोम लगाकर रैली–सभा और जुलूस निकालना पहले जैसा आसान नहीं होगा। नई व्यवस्था के तहत आयोजकों को निगम की मंजूरी के साथ–साथ फायर ब्रिगेड, पुलिस, अभियंत्रण विभाग और बिजली कंपनी से भी एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

पुरानी व्यवस्था बनाम नई व्यवस्था

अब तक केवल निगम की मंजूरी और एसडीएम से एनओसी लेना पर्याप्त था। लेकिन नई गाइडलाइन के अनुसार आयोजकों को 26 बिंदुओं पर जानकारी देकर निगम में शुल्क जमा करना होगा। वहीं, विशेष आयोजनों के लिए कलेक्टर या एसडीएम से अलग से अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही किसी भी तरह का आयोजन सार्वजनिक मैदान, सड़क, फुटपाथ और चौक पर नहीं किया जा सकेगा।

गाइडलाइन के मुख्य बिंदु

पंडाल या डोम फायरप्रूफ होना अनिवार्य।

सड़क पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

कार्यक्रम खत्म होने पर स्थल की सफाई करवाना आयोजक की जिम्मेदारी।

शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य।

पंडाल लगाने के बाद नगर निगम करेगा निरीक्षण।

कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी।

मंच और पंडाल का प्रवेश द्वार कम से कम 15 फीट चौड़ा होना चाहिए।

भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती।

सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान होने पर भरपाई आयोजक से कराई जाएगी।

धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक आयोजनों में 500 से कम और उससे अधिक लोगों की भीड़ के लिए अलग–अलग अनुमति जरूरी।

आयोजन स्थल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन, फायर फाइटिंग सिस्टम और जनरेटर का इंतजाम अनिवार्य।

नियम उल्लंघन पर कार्रवाई

नियमों का पालन न करने और अव्यवस्था फैलाने पर आयोजकों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

राष्ट्र विरोधी, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और कानून–व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर सख्त रोक।

नगर निगम, कमिश्नर, नगर पालिका व नगर पंचायत अधिकारी इन आयोजनों पर रखेंगे विशेष नजर।

500 से अधिक लोगों की भीड़ जुटाने वाले आयोजनों पर न्यूनतम 5 हजार रुपए शुल्क देना होगा।

नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अब प्रदेश में रैली, जुलूस और सभा आयोजकों को सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखना होगा।

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