3 महीने से फरार कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु, 18 अगस्त को कोर्ट में पेश नहीं हुए तो होगी संपत्ति कुर्क

Notorious history-sheeter Tomar brothers absconding for 3 months, if they do not appear in court on August 18, their property will be confiscated 3 महीने से फरार कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु, 18 अगस्त को कोर्ट में पेश नहीं हुए तो होगी संपत्ति कुर्क
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3 महीने से फरार कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु, 18 अगस्त को कोर्ट में पेश नहीं हुए तो होगी संपत्ति कुर्क

3 महीने से फरार कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु, 18 अगस्त को कोर्ट में पेश नहीं हुए तो होगी संपत्ति कुर्क

रायपुर। प्रदेश के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर वीरेंद्र तोमर एवं रोहित तोमर पिछले तीन महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों आरोपी अब तक फरार हैं। वहीं कोर्ट ने दोनों भाइयों को 18 अगस्त तक पेश होने के आदेश दिए हैं। अगर वे कोर्ट में हाजिर नहीं होते, तो उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू होगी।

इस पूरे मामले ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता के बीच चर्चा है कि कहीं न कहीं इन हिस्ट्रीशीटर भाइयों को सत्ता से जुड़े प्रभावशाली नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।

पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस की जांच में सामने आया है कि तोमर भाइयों की संपत्तियां रायपुर और आसपास के कई इलाकों में फैली हुई हैं।

भाठागांव में मकान

खरोरा, भनपुरी और अभनपुर में कई प्लॉट

कर्जदारों की संपत्तियों पर अवैध कब्जा

हालांकि कुछ संपत्तियां कानूनी तौर पर उनके नाम पर दर्ज नहीं हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी अटैचमेंट की सूची में शामिल कर लिया है।

अब तक पुलिस की कार्रवाई में 37 लाख रुपये नकद और एक करोड़ से अधिक मूल्य के जेवरात जब्त किए गए हैं।

11 करोड़ से अधिक की संपत्ति का राजफाश

जांच में सामने आया कि तोमर परिवार की संपत्ति का जाल सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं है।

भिलाई, भानुप्रतापपुर, गुढ़ियारी और दुर्ग में 11 संपत्तियां

एक बंगला जिसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये

चार लग्जरी कारें (कुल मूल्य लगभग 35 लाख रुपये)

67 तोला सोना, 35 कीमती ज्वेलरी आइटम

दर्जनों महंगे मोबाइल फोन

इन सभी संपत्तियों को भी जब्ती और कुर्की की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

बड़ा सवाल – पेश होंगे या फिर रहेंगे फरार?

अब पूरे प्रदेश की निगाहें 18 अगस्त पर टिकी हुई हैं। सवाल यही है कि क्या तोमर बंधु कोर्ट में पेश होंगे या फिर फरार ही बने रहेंगे। अगर वे अदालत में हाजिर नहीं होते हैं, तो उनकी करोड़ों की संपत्तियों पर कुर्की की कार्यवाही शुरू हो जाएगी।

इस मामले ने न केवल पुलिस की साख पर सवाल उठाए हैं बल्कि यह भी उजागर किया है कि प्रदेश में अपराधी किस हद तक राजनीतिक संरक्षण पाकर कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं।

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