NRI कोटे की मेडिकल सीटों पर फर्जीवाड़ा! छत्तीसगढ़ में दोहराया जा रहा है पिछले साल का स्कैम

 0
NRI कोटे की मेडिकल सीटों पर फर्जीवाड़ा! छत्तीसगढ़ में दोहराया जा रहा है पिछले साल का स्कैम

छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई (अप्रवासी भारतीय) कोटे की सीटों को लेकर एक बार फिर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्ता संरक्षण में शिक्षा माफिया सक्रिय है और मेडिकल सीटों की खुलेआम खरीद-फरोख्त की जा रही है।

डॉ. गुप्ता ने दावा किया कि बीते वर्ष भी एनआरआई कोटे के नाम पर अपात्र छात्रों को दाखिला दिलाया गया था और इस वर्ष भी वही खेल फिर से दोहराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 13 अक्टूबर 2024 को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, साथ ही महाधिवक्ता कार्यालय से भी राय लिया गया था, फिर भी भ्रष्टाचार नहीं थमा।

कोर्ट के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां

डॉ. गुप्ता ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने एनआरआई कोटे को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन दी है। इसमें कहा गया है कि केवल छात्रों के करीबी रिश्तेदारों की वंशावली के आधार पर ही इस कोटे का लाभ दिया जा सकता है। बावजूद इसके, छत्तीसगढ़ में यह नियम पूरी तरह से दरकिनार किया जा रहा है।

NEET क्वालिफाई जरूरी, फिर भी हो रही मनमानी

कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ ने बताया कि नियम के अनुसार, केवल नीट उत्तीर्ण विद्यार्थी ही एनआरआई कोटे में प्रवेश के पात्र हैं। यदि एनआरआई कोटे के योग्य छात्र नहीं मिलते, तो सीटें ओपन मेरिट के अनुसार भरी जानी चाहिए। लेकिन यहां बिना योग्यताओं की जांच किए, अपात्र छात्रों को बड़ी रकम लेकर दाखिला दिया जा रहा है।

शिक्षा माफिया-सरकार गठजोड़?

डॉ. गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार और निजी मेडिकल कॉलेजों की मिलीभगत से यह घोटाला हो रहा है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए, ताकि योग्य छात्रों का हक मारा न जाए।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0