छत्तीसगढ़ में समय से पहले पहुंचा मानसून, बस्तर में झमाझम बारिश से मौसम सुहावना
छत्तीसगढ़ में समय से पहले पहुंचा मानसून, बस्तर में झमाझम बारिश से मौसम सुहावना
रायपुर, 28 मई 2025 छत्तीसगढ़ में इस साल नौतपा के दौरान ही मानसून ने दस्तक दे दी है, जो अपने आप में एक असामान्य लेकिन राहत देने वाली घटना है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने बस्तर क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है और आने वाले दिनों में पूरे राज्य में सक्रिय हो जाएगा। आमतौर पर मानसून के 10 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना जताई जाती है, लेकिन इस बार यह 13 दिन पहले ही राज्य में आ गया है।
गौरतलब है कि पिछले साल यानी 2024 में 8 जून को बस्तर में मानसून की एंट्री हुई थी, जबकि इस बार मई के अंतिम सप्ताह में ही मानसूनी बादलों ने प्रदेश में दस्तक दे दी है।
बारिश का व्यापक असर, तापमान में गिरावट
मानसून की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में मौसम ने करवट ली है। रायपुर समेत कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
पिछले 24 घंटे में दर्ज तापमान:
सर्वाधिक अधिकतम तापमान: 36.3°C (पेण्ड्रा रोड)
सबसे कम न्यूनतम तापमान: 23.4°C (पेण्ड्रा रोड)
राज्यभर में झमाझम बारिश
बीते 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में हल्की से लेकर मध्यम बारिश हुई है, जिससे किसानों और आमजन दोनों के चेहरे पर राहत की लहर है।
मुख्य वर्षा रिकॉर्ड (सेमी में):
सुहेला – 6 सेमी
देवभोग, बकावंड, भैरमगढ़, माकड़ी – 4 सेमी
बस्तर, धनोरा, जगदलपुर, नानगुर, भोपालपट्टनम – 3 सेमी
दरभा, रतनपुर, कुमरदा, नारायणपुर, भाटापारा – 2 सेमी
तोकापाल, कोहकामेटा, भानुप्रतापुर, अमलीपदर, लवन, अर्जुंदा, प्रेमनगर, फरसगांव, तमनार – 1 सेमी
कृषि और जनजीवन पर प्रभाव
समय से पहले मानसून के आगमन से जहां किसानों को धान की रोपाई की तैयारी शुरू करने में मदद मिलेगी, वहीं गर्मी से जूझ रही आम जनता को भी बड़ी राहत मिली है। खासकर बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समय से वर्षा का आरंभ कृषि उत्पादकता के लिए वरदान साबित हो सकता है।
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