ऑनलाइन काउंसलिंग में गड़बड़ियों को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने उठाई आवाज़, शासन को सौंपा ज्ञापन
ऑनलाइन काउंसलिंग में गड़बड़ियों को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने उठाई आवाज़, शासन को सौंपा ज्ञापन
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ष MBBS बांड पोस्टिंग के लिए शुरू की गई ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने आपत्ति दर्ज कराते हुए भारतीय मेडिकल एसोसिएशन रायपुर छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में कई अहम बिंदुओं को चिन्हित कर तत्काल सुधार की मांग की गई है।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, ऑनलाइन काउंसलिंग प्रणाली भले ही सराहनीय और पारदर्शिता की दिशा में कदम हो, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में कई गंभीर खामियां देखी गई हैं, जिन्हें दुरुस्त करना जरूरी है।
ये हैं ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख बिंदु
1. मेरिट निर्धारण में त्रुटि
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में केवल अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणाम के आधार पर मेरिट सूची बनाई गई है, जो अन्यायपूर्ण है। उचित होगा कि सभी वर्षों के प्राप्तांक के औसत के आधार पर मेरिट का निर्धारण किया जाए।
2. रिक्तियों की वास्तविकता से भिन्न प्रस्तुति
राज्य के मेडिकल कॉलेजों एवं जिला अस्पतालों में जूनियर रेजिडेंट्स, डेमोंस्ट्रेटर एवं चिकित्सकों की भारी कमी है। इसके बावजूद कई संस्थानों को वैकेंसी लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है, जिससे भ्रम और आशंका उत्पन्न हो रही है।
3. CHC/PHC रिक्तियों का चॉइस लिस्ट में न दिखाना
ज्ञापन में बताया गया कि राज्य के कई CHC व PHC में पद रिक्त हैं, लेकिन उन्हें चॉइस ऑप्शन में शामिल नहीं किया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
4. लिस्ट भेजने में अंक संबंधित त्रुटियां
कुछ संस्थानों द्वारा भेजी गई सूचियों में विद्यार्थियों के अंक गलत दर्शाए गए हैं, जिससे कई योग्य विद्यार्थियों का मेरिट कम दर्शाया जा रहा है।
5. स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीटों की घटाई गई संख्या
स्वास्थ्य विभाग ने "मेडिकल ऑफिसर दो वर्षीय ग्रामीण सेवा" हेतु पहले 127 सीटों की नोटिफिकेशन जारी की थी, लेकिन अब वेबसाइट पर केवल 55 सीटें दिखाकर 72 सीटें कम कर दी गई हैं। इससे काउंसलिंग से पूर्व ही संदेह की स्थिति बन रही है।
संघ की मांग
संघ ने आग्रह किया है कि उपरोक्त सभी बिंदुओं का संज्ञान लेते हुए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में तत्काल सुधार किया जाए और समस्त रिक्त पदों की पारदर्शी सूची प्रकाशित की जाए।
यदि किसी कारणवश काउंसलिंग विलंबित होती है, तो उस अवधि को बांड की अवधी में समायोजित किया जाए ताकि विद्यार्थियों के करियर पर विपरीत असर न पड़े।
ज्ञापन पर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव के हस्ताक्षर हैं।
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