हाईकोर्ट सख्त: बिना मान्यता स्कूल चलाने वालों पर बरसी न्यायपालिका "बड़े लोगों को बचाने नियम बदले जा रहे हैं, यह न्याय नहीं" — हाईकोर्ट

High Court strict: Judiciary lashes out at those running schools without recognition "Rules are being changed to save big people, this is not justice" - High Court हाईकोर्ट सख्त: बिना मान्यता स्कूल चलाने वालों पर बरसी न्यायपालिका "बड़े लोगों को बचाने नियम बदले जा रहे हैं, यह न्याय नहीं" — हाईकोर्ट
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हाईकोर्ट सख्त: बिना मान्यता स्कूल चलाने वालों पर बरसी न्यायपालिका "बड़े लोगों को बचाने नियम बदले जा रहे हैं, यह न्याय नहीं" — हाईकोर्ट

हाईकोर्ट सख्त: बिना मान्यता स्कूल चलाने वालों पर बरसी न्यायपालिका

"बड़े लोगों को बचाने नियम बदले जा रहे हैं, यह न्याय नहीं" — हाईकोर्ट

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों के खिलाफ अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा सचिव से जवाब तलब करते हुए कहा है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और प्रभावित छात्रों को मुआवजा भी दिया जाए। कोर्ट ने शिक्षा सचिव को 13 अगस्त तक नया शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

बिना मान्यता के स्कूल चला रहे लोग मर्सीडीज़ में घूम रहे: कोर्ट

न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा —

> "गली-मोहल्लों में बिना मान्यता के स्कूल चल रहे हैं, फीस वसूल रहे हैं और संचालक मर्सीडीज़ में घूम रहे हैं। ये बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।"

उन्होंने सवाल उठाया कि जब नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, तो अब नियमों में बदलाव क्यों किया जा रहा है? क्या सिर्फ रसूखदारों को बचाने के लिए ऐसा हो रहा है?

पिछली सुनवाई में दिए गए थे कड़े निर्देश

हाईकोर्ट ने पिछले माह की सुनवाई में राज्य के सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में नए प्रवेश पर रोक लगा दी थी। हालाँकि, पहले से हुए प्रवेशों को प्रभावित नहीं किया गया था। साथ ही सरकार को अवैध स्कूलों की पहचान कर उन्हें बंद करने और संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया था।

शपथ पत्र में खुलासा: 350 से अधिक स्कूल बिना मान्यता के

राज्य के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) द्वारा दाखिल शपथ पत्र में बताया गया कि प्रदेश में कुल 7195 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 350 से अधिक स्कूल बिना किसी वैध मान्यता के काम कर रहे हैं।

इस खुलासे के बाद हाईकोर्ट ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कोर्ट के निर्देश

बिना मान्यता वाले स्कूलों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो

प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए

13 अगस्त तक शिक्षा सचिव नया शपथ पत्र कोर्ट में पेश करें

न्याय और शिक्षा के बीच टकराव

हाईकोर्ट की नाराज़गी इस बात को लेकर है कि जिन स्कूलों को बंद करना था, उन्हें बचाने नियमों में बदलाव किया जा रहा है। अदालत ने दो टूक कहा कि यह “न्याय के साथ खिलवाड़” है और ऐसे बदलाव सिर्फ प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने के लिए किए जा रहे हैं।

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