रायपुर में जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 26 करोड़ की टैक्स चोरी करने वाला कारोबारी गिरफ्तार
रायपुर में जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 26 करोड़ की टैक्स चोरी करने वाला कारोबारी गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राज्य जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। विभाग की टीम ने 26 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के आरोप में अमन अग्रवाल (32) नामक लोहा कारोबारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अमन, अगस्त्या एंटरप्राइजेज और अग्रवाल एंटरप्राइजेज का संचालक है। उसे रायपुर से गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
144 करोड़ की फर्जी खरीदी का पर्दाफाश
जीएसटी विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि अमन अग्रवाल ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्थित फर्जी फर्मों के माध्यम से लगभग 144 करोड़ रुपये की फर्जी खरीदी दिखाई थी। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से लाभ उठाकर अन्य जिलों के व्यापारियों को पास ऑन किया और करीब 26 करोड़ रुपये का अवैध लाभ कमाया।
इन बोगस फर्मों के नाम पर हुआ करोड़ों का हेरफेर
जांच में सामने आया कि आरोपी ने मृत व्यक्तियों के नाम पर भी फर्जी फर्में खड़ी कर दी थीं। इन बोगस फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की खरीदी-बिक्री का लेनदेन दिखाया गया। जिन फर्मों का नाम सामने आया है, वे इस प्रकार हैं:
हुसैनी इंटरप्राइजेज
धन लक्ष्मी इंटरप्राइजेज
महावीर इंटरप्राइजेज
यूनिक इंटरप्राइजेज
अंसारी ट्रेडर्स
विनायक वेंचर्स
ललित ट्रेडलिंक
अगस्त्या इंटरप्राइजेज
इन फर्मों के माध्यम से आरोपी ने वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में कुल 262 करोड़ रुपये की खरीदी-बिक्री दिखाई थी।
जीएसटी विभाग का बड़ा खुलासा
राज्य जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर नरेंद्र वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इन बोगस फर्मों के दस्तावेजों की जांच में पता चला है कि कई फर्म जिन व्यक्तियों के नाम पर बनाई गई थीं, उनमें से कुछ की मृत्यु वर्ष 2010 में ही हो चुकी थी। इसके बावजूद उनके नाम का दुरुपयोग कर वर्ष 2013 और 2015 में फर्जी कारोबार दर्शाया गया था।
धारा 69 और 132 बी के तहत कार्रवाई
जीएसटी विभाग ने आरोपी पर सेक्शन 69 और 132 (बी) के तहत मामला दर्ज किया है। कारोबारी अमन अग्रवाल ने 10 बोगस फर्म के जरिए करोड़ों का इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया और टैक्स चोरी कर सरकार को 26 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा सकता है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जब्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
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