पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल गिरफ्तार, शराब घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल गिरफ्तार, शराब घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई
रायपुर | 18 जुलाई 2025 छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके पदुमनगर स्थित निवास से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई राज्य में चल रही कथित 2100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच के तहत की गई है।
ईडी सूत्रों के अनुसार, चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी एक विस्तृत जांच प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें पहले ही राज्य के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया जा चुका है। लखमा इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी ने शुक्रवार सुबह छापा मारने के बाद चैतन्य को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां ईडी ने 7 दिन की कस्टोडियल रिमांड की मांग की है। इस बीच ईडी कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय की अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ में एक बड़ा शराब सिंडिकेट काम कर रहा था, जिसमें अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य प्रभावशाली नाम शामिल हैं। एजेंसी का दावा है कि यह सिंडिकेट राज्य में अवैध रूप से शराब की बिक्री और आपूर्ति का संचालन कर रहा था, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ। जांच में अब तक घोटाले की राशि 2100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
कांग्रेस का विरोध, चरणदास महंत ने जताई नाराज़गी
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. चरणदास महंत ने ट्वीट कर कहा,
> "सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग बंद हो! आज जब सरकारी एजेंसियों का उपयोग जनता की सेवा की बजाय राजनीतिक विरोधियों को डराने, दबाने और बदनाम करने में किया जा रहा है, तब सवाल उठता है – क्या यही लोकतंत्र है?"
महंत ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन बताते हुए न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
सत्र के दौरान सियासी तूफान
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। सदन के बाहर इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेताओं में आक्रोश देखा गया। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में केंद्र सरकार राजनीतिक विद्वेष के चलते एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
आगे क्या?
ईडी की कार्रवाई फिलहाल जारी है। एजेंसी अब इस मामले में और भी लोगों से पूछताछ कर सकती है। चैतन्य बघेल की भूमिका और उनके संबंधों की जांच की जा रही है। मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि ईडी को कितनी रिमांड दी जाए।
इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और आने वाले दिनों में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है।
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