कवर्धा में किसानों का इथेनॉल प्लांट के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, लगाया ताला
कवर्धा में किसानों का इथेनॉल प्लांट के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, लगाया ताला
कवर्धा (छत्तीसगढ़) में किसानों के आक्रोश ने बड़ा रूप ले लिया जब भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने रामहेपुर स्थित इथेनॉल प्लांट का घेराव कर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। किसानों का आरोप है कि प्लांट द्वारा निर्मित पोटाश खाद अमानक गुणवत्ता का था, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
कवर्धा में स्थित इस इथेनॉल प्लांट ने लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य का पोटाश खाद तैयार किया था, जिसे किसानों में वितरित किया गया। किसानों का आरोप है कि यह खाद मानक के अनुरूप नहीं था, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हुईं और आर्थिक क्षति हुई।
किसानों की मुख्य मांगें
किसानों ने प्लांट के समक्ष अपनी 7 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख हैं:
1. मानकहीन पोटाश खाद से हुए नुकसान की पूरी क्षतिपूर्ति की जाए।
2. इथेनॉल प्लांट द्वारा भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की ₹19 करोड़ की बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जाए।
3. किसानों को वितरित अमानक खाद को लेकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर किसानों का पैसा लौटाया जाए।
4. जब तक बकाया राशि और क्षतिपूर्ति नहीं की जाती, भोरमदेव से कच्चे माल (मोलासिस) की सप्लाई बंद की जाए।
प्रशासन की तैयारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, पर किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और उन्होंने साफ कहा कि जब तक समाधान नहीं होता, प्रदर्शन जारी रहेगा।
यह मामला सिर्फ एक गुणवत्ताहीन उत्पाद तक सीमित नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास, उनकी आय और एक कंपनी की जिम्मेदारी से जुड़ा है। यदि किसानों की मांगों पर समय रहते उचित कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन राज्य स्तर पर भी फैल सकता है।
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