फर्जी CBSE पैटर्न और महंगी किताबों का गोरखधंधा! रायपुर D.E.O. पर गिरी गाज, एफआईआर की तैयारी
रायपुर : जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश, प्राइवेट स्कूलों से सांठगांठ का आरोप
रायपुर। राजधानी रायपुर में शिक्षा विभाग और निजी स्कूल संचालकों की मिलीभगत का बड़ा मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। रायपुर संभागीय संयुक्त संचालक (जेडी) शिक्षा ने संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र भेजकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है।
आरोप है कि विजय खंडेलवाल निजी स्कूलों की फर्जी मान्यता और छात्रों से जबरन महंगे पाठ्यपुस्तक विक्रय मामले की शिकायतों की जांच को रोकते रहे।
कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी का बड़ा आरोप
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी ने जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर और निजी स्कूल संचालकों की मिलीभगत का खुलासा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। तिवारी ने कहा —
> "सीजी बोर्ड की इंग्लिश मीडियम मान्यता लेकर ये निजी स्कूल फर्जी तरीके से सीबीएसई पैटर्न के नाम पर छात्रों से ठगी कर रहे हैं। स्कूल संचालक शासन की निःशुल्क पुस्तकों को नहीं लेते और जबरन महंगे, गुणवत्ता विहीन और अतिरिक्त सिलेबस वाली किताबें छात्रों को बेचते हैं।"
उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवा का क्षेत्र है, कमाई का नहीं। मगर रायपुर सहित पूरे प्रदेश में शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रबंधकों की मिलीभगत के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है।
5000 से अधिक छात्रों को निःशुल्क पुस्तकों से वंचित
विकास तिवारी ने बताया कि राजधानी रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल, कृष्णा किड्स एकेडमी, श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल सहित कई इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कक्षा नर्सरी से आठवीं तक पढ़ने वाले 5000 से अधिक छात्र-छात्राओं को शासन की निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें नहीं दी गईं।
पिछले वर्ष लिखित शिकायत के बाद बनी दो सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट में भी यह तथ्य सामने आया कि विगत आठ-दस वर्षों से ये स्कूल शासन की किताबें नहीं ले रहे और छात्रों को जबरन निजी किताबें खरीदने को मजबूर किया जा रहा है।
जांच रिपोर्ट दबाने का आरोप
विकास तिवारी ने जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट को उच्च कार्यालय में भेजने के बजाय जानबूझकर दबाया गया, जिससे सत्र 2025-26 में भी छात्र निःशुल्क पुस्तकों से वंचित रह गए। स्कूल खुलने के पहले ही इन स्कूलों द्वारा महंगी और घटिया क्वालिटी की किताबें जबरन बेच दी गईं।
जल्द होगी एफआईआर
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर और इन प्राइवेट स्कूल संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और ठगी की धाराओं में जल्द पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
यह मामला शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और मिलीभगत की सच्चाई को उजागर करता है, जिसमें हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है।
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