Dolphin International School scam डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल घोटाला : संचालक राजेश शर्मा की पत्नी की जेल में मौत, अंतिम यात्रा में शामिल हुए गिनती के लोग

डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल घोटाला : संचालक राजेश शर्मा की पत्नी की जेल में मौत, अंतिम यात्रा में शामिल हुए गिनती के लोग
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Dolphin International School scam डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल घोटाला : संचालक राजेश शर्मा की पत्नी की जेल में मौत, अंतिम यात्रा में शामिल हुए गिनती के लोग

डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल घोटाला : संचालक राजेश शर्मा की पत्नी की जेल में मौत, अंतिम यात्रा में शामिल हुए गिनती के लोग

रायपुर। कभी भीड़ और चमक-दमक के बीच रहने वाले डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल के संचालक राजेश शर्मा और उनकी पत्नी का अंत बेहद दर्दनाक हुआ। 60 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार राजेश शर्मा की पत्नी अनीता देवी शर्मा ने गुरुवार को जेल में अंतिम सांस ली। शुक्रवार को रायपुर स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम संस्कार के दौरान न तो समर्थकों की भीड़ दिखी और न ही परिचितों का जमावड़ा। केवल गिनती के लोग ही शामिल हुए। अंतिम संस्कार के बाद राजेश शर्मा को वापस जेल दाखिल करा दिया गया।

60 करोड़ का घोटाला और स्कूल की चकाचौंध

राजेश शर्मा कभी स्कूल टॉपर रहे थे और शिक्षा जगत में बड़ा नाम कमाने का सपना देखा था। उन्होंने “डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल” नाम से राजधानी रायपुर के शंकर नगर और श्याम नगर क्षेत्र में स्कूल और दफ्तर खोला। जल्द ही संस्था का विस्तार अन्य शहरों तक भी हुआ।

बच्चों के पालकों को एक अनोखी योजना के तहत लुभाया गया। डेढ़ लाख रुपये एकमुश्त जमा करने पर पहली कक्षा से बारहवीं तक की शिक्षा देने का वादा किया गया। इतना ही नहीं, निवेश करने वालों को 25 प्रतिशत ब्याज लौटाने का झांसा भी दिया गया।

प्रचार-प्रसार के लिए फिल्म अभिनेता मुकेश खन्ना और गुफी पेंटल जैसे कलाकारों का सहारा लिया गया। इस चमक-दमक ने आम जनता का भरोसा जीत लिया। धीरे-धीरे सैकड़ों पालकों और निवेशकों से करीब 50 से 60 करोड़ रुपए तक की रकम वसूली गई।

जमीन खरीद और अचानक बंद हुए स्कूल

उगाही गई रकम से रायपुर समेत कई शहरों में जमीनें खरीदी गईं। लेकिन जब पालकों ने स्कूल की वास्तविकता पर सवाल उठाए तो धीरे-धीरे दफ्तर और शाखाएं बंद होने लगीं।

2012–2013 में स्कूल पूरी तरह से बंद हो गए। इसके बाद पालकों और निवेशकों का गुस्सा भड़क उठा और थानों में शिकायतें दर्ज होने लगीं। देखते ही देखते आधा दर्जन से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं।

पांच साल रहे फरार, फिर जेल की सलाखों के पीछे

2013 में शिकायतों के बढ़ते दबाव के बीच राजेश शर्मा और उनकी पत्नी अनीता देवी फरार हो गए। करीब पांच साल तक पुलिस उनकी तलाश करती रही। अंततः 2017 में दिल्ली से दोनों को गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया और जेल भेज दिया गया।

घोटाले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। तब से दोनों जेल में ही बंद थे।

पत्नी की जेल में मौत, सन्नाटा छाया

गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अनीता देवी शर्मा ने जेल में ही दम तोड़ दिया। शुक्रवार को जब उनका शव मुक्तिधाम लाया गया तो दृश्य बेहद मार्मिक था।

जिस व्यक्ति और उनकी पत्नी के स्कूल में कभी हजारों छात्र पढ़ते थे, जिनके दफ्तर में भीड़ लगी रहती थी, उनकी अंतिम यात्रा में मुश्किल से दस लोग ही शामिल हुए।

शुक्लिनी मामा मंदिर ट्रस्ट की अनुमति से शव को मंदिर प्रांगण में ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद जेल प्रशासन ने औपचारिकताएं पूरी कर राजेश शर्मा को वापस जेल दाखिल करा दिया।

सबक छोड़ गया यह मामला

डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल घोटाले ने न सिर्फ हजारों पालकों और निवेशकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि समाज में विश्वास और शिक्षा की गरिमा को भी गहरी चोट दी।

कभी बड़ी हस्तियों के साथ मंच साझा करने वाले और आलीशान जिंदगी जीने वाले दंपती का अंत गुमनामी और उपेक्षा में हुआ।

अनीता देवी की मौत और उनकी अंतिम यात्रा का सन्नाटा इस बात का प्रमाण है कि छल और लालच पर खड़ी इमारत ज्यादा दिन तक नहीं टिकती।

 यह खबर सिर्फ एक घोटाले का ब्योरा नहीं, बल्कि उस विडंबना की झलक भी है, जिसमें झूठे वादों और लालच का सहारा लेकर समाज को ठगा गया और अंत में खुद भी सब कुछ खो दिया।

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