महाअष्टमी की छुट्टी रद्द करने पर विवाद, सरकार से पुनः विचार की मांग
Controversy over cancellation of Maha Ashtami holiday, demand for reconsideration from the government महाअष्टमी की छुट्टी रद्द करने पर विवाद, सरकार से पुनः विचार की मांग
महाअष्टमी की छुट्टी रद्द करने पर विवाद, सरकार से पुनः विचार की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवरात्रि पर्व को लेकर छुट्टियों पर विवाद गहराता जा रहा है। हाल ही में राज्य सरकार ने महाअष्टमी की छुट्टी को रद्द कर उसकी जगह नूआइखाई पर्व पर स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया है। इस फैसले पर सवाल उठाते हुए अधिवक्ता विवेक तनवानी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर सरकार से महाअष्टमी की छुट्टी बहाल करने की मांग की है।
तनवानी ने कहा कि दुआइखाई पर्व पर अवकाश घोषित करना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन महाअष्टमी की छुट्टी रद्द करना बहुसंख्यक श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला निर्णय है। उन्होंने बताया कि महाअष्टमी का दिन हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन देवी दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा के साथ-साथ कन्या पूजन और कन्या भोज का विशेष महत्व होता है।
फैसले पर उठे सवाल
अधिवक्ता विवेक तनवानी ने कहा कि नवरात्रि में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए सरकार को महाअष्टमी की छुट्टी रद्द करने का निर्णय वापस लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और छुट्टी रद्द करना लोगों में असंतोष पैदा कर रहा है।
सरकार से मांग
पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि:
नूआइखाई पर्व की छुट्टी बरकरार रखी जाए।
साथ ही नवरात्रि की महाअष्टमी की छुट्टी को भी पुनः बहाल किया जाए।
तनवानी ने कहा कि प्रदेश की पौने तीन करोड़ जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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