भिलाई स्टील प्लांट में 1500 मजदूरों की नागरिकता संदिग्ध, बांग्लादेशी होने की आशंका - जांच शुरू
भिलाई स्टील प्लांट में 1500 मजदूरों की नागरिकता संदिग्ध, बांग्लादेशी होने की आशंका - जांच शुरू
भिलाई, छत्तीसगढ़ | 24 मई 2025 भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant - BSP) में ठेका श्रमिकों के रूप में कार्यरत करीब 2500 बांग्ला भाषी मजदूरों में से लगभग 1500 मजदूरों की नागरिकता को लेकर गंभीर संदेह जताया गया है। सूत्रों के अनुसार, ये मजदूर संभवतः बांग्लादेश के नागरिक हो सकते हैं, जो अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर संयंत्र के भीतर काम कर रहे हैं। अब इस पूरे मामले की जांच शुरू हो चुकी है।
गोपनीय रिपोर्ट से हुआ खुलासा
यह मामला तब सामने आया जब एक गोपनीय रिपोर्ट में प्लांट के भीतर काम कर रहे कुछ मजदूरों की पहचान संदिग्ध पाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मजदूरों के पास उपलब्ध दस्तावेज या तो फर्जी हो सकते हैं या फिर उनकी वैधता को लेकर संदेह है। कुछ मजदूरों का संबंध सीधे पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से जुड़ा पाया गया है, जो अवैध घुसपैठ का संभावित रास्ता माना जाता है।
संयंत्र में कुल 28,000 ठेका मजदूर
भिलाई स्टील प्लांट में वर्तमान में करीब 28,000 ठेका श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें से 2500 के लगभग बांग्ला भाषी मजदूर हैं। इनमें से 1500 के आसपास मजदूर संयंत्र के अंदर सीधे उत्पादन और रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगे हुए हैं।
प्रशासन व सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता
सूत्रों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, प्लांट प्रबंधन और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। मजदूरों के दस्तावेजों की गहन जांच शुरू हो गई है, और जल्द ही वेरिफिकेशन के लिए विशेष अभियान चलाया जा सकता है।
संभावित कार्रवाई
यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि ये मजदूर बांग्लादेशी नागरिक हैं और अवैध रूप से भारत में रहकर काम कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम (Foreigners Act) और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, जिन ठेका कंपनियों ने इन मजदूरों को नियुक्त किया है, उनके खिलाफ भी जांच की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों में चिंता
इस खबर के सामने आने के बाद भिलाई और आसपास के इलाकों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों से न केवल रोजगार के अवसर प्रभावित होते हैं बल्कि सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। कई स्थानीय संगठनों ने जांच की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने की मांग की है।
यह मामला अब प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी में है। आने वाले दिनों में विस्तृत जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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