चीन की मिसाइलें ढेर, टुकड़ों पर झपटे अमेरिका-जापान: ऑपरेशन सिंदूर ने बदला युद्ध का खेल
भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा हाल ही में चलाए गए "ऑपरेशन सिंदूर" ने न सिर्फ पाकिस्तान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया, बल्कि चीन की एडवांस्ड मिसाइल तकनीक को भी मलबे में बदल दिया। इस अभूतपूर्व कार्रवाई के बाद अमेरिका, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी और न्यूज़ीलैंड जैसे वैश्विक ताकतवर देशों ने भारत से संपर्क कर चीनी मिसाइल सिस्टम के बचे हुए टुकड़ों की मांग की है।
इन देशों की मंशा साफ है—
वे इन टुकड़ों की गहन जांच कर चीन की हथियार निर्माण तकनीक को समझना चाहते हैं ताकि भविष्य में किसी संभावित युद्ध के लिए एंटी-मिसाइल टेक्नोलॉजी विकसित की जा सके।
भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर हलचल मच गई है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने कहा:
"अगर भारत मलबा साझा नहीं करना चाहता, तो कम से कम हमें उसकी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाए।"
इसका सीधा अर्थ है कि भारत अब सिर्फ एक सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि तकनीकी युद्ध का नेतृत्वकर्ता बन चुका है। भारतीय वैज्ञानिकों और रक्षा विशेषज्ञों की रणनीति ने ना केवल दुश्मन को घुटनों पर ला दिया, बल्कि दुनिया को यह भी दिखा दिया कि भारत की रक्षा टेक्नोलॉजी अब ‘मेड इन इंडिया, लीडिंग द वर्ल्ड’ के युग में प्रवेश कर चुकी है।
बीजिंग में हड़कंप
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बीजिंग की सत्ता गलियारों में खलबली मची हुई है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के रक्षा विशेषज्ञ गहन समीक्षा बैठकों में जुटे हैं, उनके चेहरे पीले हैं और माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, चीन इस पूरे घटनाक्रम को अपनी सबसे बड़ी रक्षा विफलताओं में से एक मान रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0