छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3200 करोड़ की हेराफेरी, चार्जशीट के 72 घंटे बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, आरोपी अफसर अब भी पदों पर काबिज

Chhattisgarh liquor scam: Rs 3200 crore embezzled, no action taken even 72 hours after chargesheet, accused officers still occupy their postsछत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3200 करोड़ की हेराफेरी, चार्जशीट के 72 घंटे बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, आरोपी अफसर अब भी पदों पर काबिज
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3200 करोड़ की हेराफेरी, चार्जशीट के 72 घंटे बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, आरोपी अफसर अब भी पदों पर काबिज

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3200 करोड़ की हेराफेरी, चार्जशीट के 72 घंटे बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, आरोपी अफसर अब भी पदों पर काबिज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले को लेकर एक बार फिर सरकार की लापरवाही सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा चार दिन पहले इस घोटाले में 22 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, लेकिन अब तक राज्य शासन ने किसी के खिलाफ निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई नहीं की है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से 7 अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि 15 अब भी विभाग में सक्रिय पदों पर बने हुए हैं।

ईडी की जांच में बड़ा घोटाला उजागर

प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच में पाया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच प्रदेश में शराब बिक्री के नाम पर 3200 करोड़ रुपये की अवैध वसूली और हेराफेरी की गई। इस पूरे नेटवर्क में अफसरों, कारोबारियों और नेताओं की मिलीभगत सामने आई है। सरकारी शराब दुकानों के जरिए अवैध कमीशन वसूली का सुनियोजित तंत्र बनाया गया था।

राजनीतिक पार्टियों को भी मिला कमीशन

ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, इस घोटाले में राजनीतिक दलों को भी 13.92 करोड़ रुपये की रकम कमीशन के रूप में दी गई। यह रकम नकद में नेताओं और पार्टी फंड तक पहुंचाई गई। ईडी ने इस पूरे मामले का 358 पेज की चार्जशीट के जरिए खुलासा किया है।

अब तक सिर्फ तबादले, कार्रवाई अधूरी

इस मामले में अब तक 29 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया, जिनमें से 15 का केवल तबादला किया गया है। विभाग ने अभी तक किसी को निलंबित नहीं किया है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, जगदलपुर समेत कई जिलों के अफसरों का नाम इसमें शामिल है।

प्रमुख आरोपी अफसरों की सूची

ईडी की चार्जशीट में जिन अधिकारियों का नाम शामिल है, उनमें प्रमुख हैं

1. जनार्दन कोठारी (सहायक जिला आबकारी अधिकारी)

2. नरेंद्र मानिकपुरी (उप आबकारी अधिकारी)

3. बृजेश मंडल (उप आबकारी)

4. अरविंद कुमार पटेल (उप आबकारी)

5. प्रभात कुमार साहू (सहायक जिला आबकारी अधिकारी)

6. रामकुमार मिश्रा (सहायक आबकारी अधिकारी)

7. विकास कुमार गोस्वामी (सहायक आबकारी अधिकारी)

8. इकबाल खान (सहायक जिला आबकारी अधिकारी)

9. निलेश पटेल (सहायक जिला आबकारी अधिकारी)

10. नवीन कुमार राय (सहायक जिला आबकारी अधिकारी)

11. मंजूलता खरे (सहायक आबकारी अधिकारी)

12. हरीश वर्मा (सहायक आयुक्त आबकारी)

13. हरीश बांगड़ (सहायक जिला आबकारी अधिकारी)

14. विनोद कुमार साहू (सहायक आबकारी)

15. नीलेश कुमार ठाकुर (उप आबकारी)

16. तेजराम ठाकुर (उप आबकारी)

17. नाहर सिंह ठाकुर (उप आबकारी)

18. सोनल नेवताम (सहायक आबकारी)

19. प्रकाश पाल (सहायक आयुक्त आबकारी)

20. सुधाकर यादव (सहायक आबकारी)

21. आशाराम कोसरे (सहायक आयुक्त आबकारी)

22. ए.के. सिंह (जिला आबकारी अधिकारी, सेवानिवृत्त)

23. राजेंद्र यादव (सहायक आबकारी)

24. जे.आर. मंडावी (जिला आबकारी अधिकारी, सेवानिवृत्त)

25. जी.एस. मुले (सहायक आबकारी अधिकारी, सेवानिवृत्त)

26. देवलाल बैस (जिला आबकारी अधिकारी, सेवानिवृत्त)

27. जे.पी. आनंद (सहायक आबकारी अधिकारी, सेवानिवृत्त)

28. देवदत्त लहरे (सहायक आबकारी अधिकारी, सेवानिवृत्त)

29. एल.एन. बुध (सहायक आबकारी अधिकारी, सेवानिवृत्त)

सवालों के घेरे में सरकार की कार्यप्रणाली

चार्जशीट दाखिल हुए 72 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद किसी पर निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई न होने से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर न विपक्ष चुप है और न ही जनता। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि शासन कब सख्त कदम उठाता है।

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