Chhattisgarh State Fencing Association छत्तीसगढ़ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका खिलाड़ियों का दम, कई उपलब्धियां दर्ज

छत्तीसगढ़ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका खिलाड़ियों का दम, कई उपलब्धियां दर्ज
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Chhattisgarh State Fencing Association  छत्तीसगढ़ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका खिलाड़ियों का दम, कई उपलब्धियां दर्ज

छत्तीसगढ़ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका खिलाड़ियों का दम, कई उपलब्धियां दर्ज

रायपुर। फेंसिंग खेल आज ओलंपिक खेलों की सूची में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। तलवारबाज़ी पर आधारित इस खेल में खिलाड़ियों की फुर्ती, रणनीति और मानसिक एकाग्रता की परीक्षा होती है। भारत में भी फेंसिंग लगातार लोकप्रिय हो रहा है और छत्तीसगढ़ ने इस खेल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना मजबूत स्थान बनाया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन का गठन वर्ष 2007 में किया गया था। गठन के बाद से ही एसोसिएशन राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। अब तक राज्य के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर 79 स्वर्ण, 27 रजत और 79 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का परचम

राज्य के 16 खिलाड़ियों ने अब तक भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में किया है। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं – शोभा खुर्शीद, सोनल शर्मा, सुषमा, खुशबू बघेल, दिव्यांश नेताम, दीपाली बंजारे, रीता साहू, रुपाली साहू, आर्यन सरोजनी, एस. शिव नारायण, एस. निषाद, एस. बींध, जेनी सिंह, अनुराग चौधरी और अन्य। इन खिलाड़ियों ने एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड कप और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में देश का प्रतिनिधित्व किया।

प्रशिक्षक और अधिकारियों की उपलब्धियां

वर्तमान में राज्य से पांच एनआईएस प्रशिक्षक कार्यरत हैं – जे. एस. सोलंकी, अनुराग बघेल, अनुराग चौधरी, प्रवीण कुमार गवाड़े और दीपाली साहू। इनमें से जे. एस. सोलंकी को वर्ष 2019 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं प्रवीण कुमार गवाड़े ने अंतरराष्ट्रीय कोचिंग कैंप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

खिलाड़ियों को मिला सम्मान

छत्तीसगढ़ के 26 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को राज्य का सर्वोच्च खेल पुरस्कार "शहीद वीर नरायण सिंह अवार्ड" और अन्य सम्मानों से नवाज़ा गया है। इनमें 12 खिलाड़ियों को शहीद राजीव पांडेय पुरस्कार, 8 खिलाड़ियों को शहीद कांग्रेस यादव पुरस्कार और 5 खिलाड़ियों को शहीद विक्रम पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा एनआईएस प्रशिक्षक जे. एस. सोलंकी को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार भी मिल चुका है।

सरकारी नौकरियों में अवसर

खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए राज्य के 10 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी श्रेणी में सरकारी नौकरियों का अवसर प्रदान किया गया है। यह छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर की मेजबानी

एसोसिएशन ने वर्ष 2007 से अब तक 11 राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप सफलतापूर्वक आयोजित की हैं। इसी कड़ी में वर्ष 2026 में राजधानी रायपुर स्थित जूनियर इंदौर स्टेडियम, बुढ़ा तालाब में 33वीं जूनियर राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप आयोजित होगी। इस आयोजन में देशभर से हजारों खिलाड़ी शामिल होंगे।

आगामी योजनाएं

प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन ने आगामी माह नवंबर/दिसंबर 2025 में रायपुर में सब-जूनियर, जूनियर, सीनियर पुरुष और महिला वर्ग की राष्ट्रीय स्तरीय फेंसिंग चैंपियनशिप आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। इससे छत्तीसगढ़ को देशभर के खिलाड़ियों की मेजबानी का अवसर मिलेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल होगा।

छत्तीसगढ़ का बढ़ता कद

फेंसिंग एसोसिएशन की लगातार कोशिशों और खिलाड़ियों की मेहनत से आज छत्तीसगढ़ इस खेल में एक मजबूत पहचान बना चुका है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने से लेकर द्रोणाचार्य अवॉर्ड जैसे सम्मान हासिल करने तक, राज्य ने खेल जगत में अपना परचम लहराया है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में फेंसिंग में छत्तीसगढ़ के और खिलाड़ी ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर देश का नाम रोशन करेंगे। राज्य में हो रहे निरंतर प्रयास और खिलाड़ियों की लगन निश्चित रूप से इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

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