छत्तीसगढ़ 2200 करोड़ शराब घोटाला: आबकारी अधिकारियों पर शिकंजा, कोर्ट में पेशी आज

Chhattisgarh 2200 crore liquor scam: Crackdown on excise officials, court appearance today छत्तीसगढ़ 2200 करोड़ शराब घोटाला: आबकारी अधिकारियों पर शिकंजा, कोर्ट में पेशी आज
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छत्तीसगढ़ 2200 करोड़ शराब घोटाला: आबकारी अधिकारियों पर शिकंजा, कोर्ट में पेशी आज

छत्तीसगढ़ 2200 करोड़ शराब घोटाला: आबकारी अधिकारियों पर शिकंजा, कोर्ट में पेशी आज

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में आज एक बार फिर अहम सुनवाई होनी है। इस घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने आबकारी विभाग के 23 से अधिक अधिकारियों को आरोपी बनाया है। इन्हीं अधिकारियों को आज स्पेशल कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।

अधिकारियों के खिलाफ सोमवार को पेश होगा चालान

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को EOW की टीम आबकारी अधिकारियों के खिलाफ चालान दाखिल करने के लिए आवश्यक दस्तावेज लेकर कोर्ट पहुंची थी। लेकिन विशेष न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण चालान पेश नहीं हो सका। अब यह चालान आगामी सोमवार को कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। EOW टीम सभी दस्तावेज फिलहाल अपने साथ वापस ले गई है।

जांच में सामने आया है कि इन अधिकारियों ने सिंडिकेट बनाकर शराब कारोबार में अवैध वसूली और करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल करीब 70 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की जाती थी। इस पूरे खेल में अधिकारियों की मिलीभगत स्पष्ट रूप से उजागर हुई है।

जमानत याचिका पर भी होगी सुनवाई

इधर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कोर्ट में भी इस मामले से जुड़ी सुनवाई होनी है। भाटिया वाइन मर्चेंट प्रा. लि., छत्तीसगढ़ डिस्टलरी और वेलकम डिस्टलरी के संचालकों द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर आज फैसला आने की संभावना है।

अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल

EOW ने जिन अधिकारियों को आरोपी बनाया है, वे वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ हैं। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विशेष न्यायालय में आज की पेशी के बाद इनके खिलाफ गिरफ्तारी समेत अन्य कड़ी कार्रवाई की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

EOW सूत्रों के मुताबिक, शराब सिंडिकेट का यह नेटवर्क प्रदेशभर में फैला था। आबकारी विभाग के अफसरों की मिलीभगत के बिना इस घोटाले को इतने बड़े स्तर पर अंजाम देना संभव नहीं था।

क्या है पूरा मामला?

2200 करोड़ रुपये के इस शराब घोटाले में बड़ी मात्रा में अवैध वसूली, शराब दुकानों का अवैध संचालन और डिस्टलरी से मिलीभगत कर राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। EOW और ED दोनों ही इस मामले में जांच कर रही हैं।

अब निगाहें आज की अदालत में होने वाली पेशी और सोमवार को पेश होने वाले चालान पर टिकी हैं।

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