"अब खुद माने बिलावल: पाकिस्तान की 30 साल की 'आतंकी नीति' का खुलासा, माफी से ज्यादा सवाल"

 0
"अब खुद माने बिलावल: पाकिस्तान की 30 साल की 'आतंकी नीति' का खुलासा, माफी से ज्यादा सवाल"

पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी 'काली करतूतों' की गवाही खुद ही दे दी है। इस बार ये कबूलनामा पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी की ओर से आया है। उन्होंने साफ कहा है कि पाकिस्तान का इतिहास आतंकवाद से जुड़ा रहा है।

यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका पर उंगलियां उठ रही हैं। इस हमले में सेना के जवानों पर घात लगाकर हमला किया गया था, जिसमें कई जवान शहीद हुए।

बिलावल के बयान के कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी यह कबूल किया था कि “हमने 30 साल तक आतंकियों का समर्थन किया है।” उन्होंने यह भी माना कि इस नीतियों की वजह से पाकिस्तान खुद ही आतंक का शिकार बन गया।

क्या कहा बिलावल ने?

एक टीवी इंटरव्यू में बिलावल भुट्टो ने कहा, "हमारा इतिहास आतंकवाद से जुड़ा रहा है। हम उन संगठनों की मदद करते रहे जिन्हें पूरी दुनिया आतंकवादी मानती है।"

यह बयान भारतीय दावों की पुष्टि करता है, जिनमें भारत लंबे समय से कहता आ रहा है कि पाकिस्तान आतंक को पालने-पोसने का काम करता है।

क्यों मायने रखता है यह कबूलनामा?

1. आतंकी नीति की स्वीकृति: यह पहली बार है जब पाकिस्तान के बड़े नेता खुलकर यह मान रहे हैं कि उनका देश दशकों तक आतंक को बढ़ावा देता रहा।

2. भारत का पक्ष मजबूत: भारत बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के खिलाफ सबूत देता रहा है। यह बयान भारत की बात को और विश्वसनीय बनाता है।

3. आंतरिक दबाव या बदलाव?: पाकिस्तान के भीतर आर्थिक और सामाजिक दबाव के बीच इस तरह की बयानबाजी यह इशारा देती है कि वहां अब आतंकी नीति पर पुनर्विचार की जरूरत महसूस की जा रही है।

भारत की प्रतिक्रिया

हालांकि भारत सरकार की ओर से इस बयान पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि

 यह भारत के रुख की जीत है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0