नक्सलवाद को बड़ा झटका: बस्तर में एक दिन में 66 इनामी नक्सली सरेंडर
बस्तर में विकास की नई सुबह: एक दिन में 66 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
बस्तर। नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। आज बस्तर रेंज में कुल ₹2.54 करोड़ के इनामी 66 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में ₹25 लाख के इनामी व शीर्ष माओवादी नेता SZCM रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश का आत्मसमर्पण सबसे उल्लेखनीय है।
आंकड़ों पर गौर करें तो—
बीजापुर से 25
दंतेवाड़ा से 15
कांकेर से 13
नारायणपुर से 8
सुकमा से 5 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं।
पिछले 18 महीनों में कुल 1,570 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति की सफलता और प्रशासनिक सुशासन का प्रमाण है।
सरकार का यह प्रयास सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा।
डबल इंजन सरकार ने बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में सुरक्षा शिविरों के साथ-साथ सड़क, परिवहन, बिजली, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी तेज़ी से विस्तार किया है। साथ ही, जनकल्याणकारी योजनाएं भी अब अंतिम छोर तक पहुंच रही हैं।
"पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन" की नीति के तहत आत्मसमर्पण कर रहे नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके भविष्य को संवारने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बस्तर अब हिंसा की नहीं, शांति और विकास की दिशा में बढ़ रहा है — और यह बदलाव जमीनी हकीकत बन चुका है।
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