तोमर ब्रदर्स के खिलाफ सूदखोरी में बड़ी कार्रवाई, ₹40 करोड़ की रजिस्ट्री और ₹3.5 करोड़ का सोना जब्त

Big action against Tomar Brothers for usury, registry of ₹40 crores and gold worth ₹3.5 crores seized तोमर ब्रदर्स के खिलाफ सूदखोरी में बड़ी कार्रवाई, ₹40 करोड़ की रजिस्ट्री और ₹3.5 करोड़ का सोना जब्त
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तोमर ब्रदर्स के खिलाफ सूदखोरी में बड़ी कार्रवाई, ₹40 करोड़ की रजिस्ट्री और ₹3.5 करोड़ का सोना जब्त

तोमर ब्रदर्स के खिलाफ सूदखोरी में बड़ी कार्रवाई, ₹40 करोड़ की रजिस्ट्री और ₹3.5 करोड़ का सोना जब्त

रायपुर, छत्तीसगढ़। राजधानी में सूदखोरी के संगीन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात तोमर ब्रदर्स के ठिकानों पर छापा मारा। इस कार्रवाई में पुलिस ने लगभग ₹40 करोड़ मूल्य की 150 रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज़ और ₹3.5 करोड़ कीमत के सोने के जेवरात जब्त किए हैं। दोनों भाइयों—रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर—पर लंबे समय से सूद पर मोटी रकम देकर लोगों की संपत्तियों पर कब्ज़ा करने का आरोप था।

शिकायतकर्ताओं ने खोला पूरा राज़

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शिकायत करने वालों ने पुलिस को बताया कि दोनों आरोपियों ने पहले उधार देने के नाम पर कोरे स्टाम्प और चेक साइन करवा लिए। फिर रकम वापस न कर पाने पर लोगों को धमकियाँ दी गईं—मारपीट, अपमान और जेल भेजने तक की। किश्तों में देरी होते ही दबाव डालकर उनकी जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री अपने नाम कराने की साज़िश रची जाती थी।

तेलीबांधा इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी

पुलिस ने तेलीबांधा थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों के आधार पर सर्च वारंट हासिल कर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में रजिस्ट्री फाइलें, नकद राशि और सोने के आभूषण बरामद हुए। पुलिस के अनुसार इन दस्तावेज़ों और गहनों की कीमत करीब 43.5 करोड़ रुपये आँकी जा रही है।

फरार आरोपी, पुलिस कर रही तलाश

इस पूरे मामले में रोहित तोमर फरार है, जबकि वीरेंद्र तोमर की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

असली हकदारों की तलाश जारी

बरामद दस्तावेज़ों और रजिस्ट्री की प्रामाणिकता व हकदारों की पहचान के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सभी दस्तावेज़ों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि किसकी जमीन या संपत्ति पर किस तरह कब्जा किया गया है।

पुलिस का बयान

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि—

> “यह संगठित सूदखोरी का बड़ा नेटवर्क है। आरोपियों ने ब्याज पर रकम देकर लोगों की संपत्तियाँ हड़पने का खेल लंबे समय से चला रखा था। सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

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