गिरफ्तारी की डर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे भूपेश बघेल, 5 अगस्त को सुनवाई
गिरफ्तारी से बचने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, अग्रिम जमानत याचिका पर 5 अगस्त को सुनवाई
रायपुर, 3 अगस्त 2025 छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गिरफ्तारी की आशंका के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बघेल ने शराब, कोयला और महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कथित घोटालों में खुद को फंसाए जाने की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई 5 अगस्त (सोमवार) को होनी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अदालत से अनुरोध किया है कि उन्हें इन मामलों में गिरफ्तार न किया जाए और उन्हें जांच में सहयोग करने का अवसर दिया जाए।
राजनीतिक द्वेष का आरोप
याचिका में भूपेश बघेल ने दावा किया है कि जिस प्रकार उनके बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी "राजनीतिक प्रतिशोध" के तहत की गई है, उसी प्रकार उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने यह आशंका जताई कि केंद्र और राज्य की एजेंसियां — जिनमें ईडी, सीबीआई और ईओडब्ल्यू शामिल हैं — उन्हें दुर्भावनापूर्ण तरीके से गिरफ्तार कर सकती हैं।
जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी
इन दिनों राज्य में बहुचर्चित घोटालों की जांच में तेजी देखी जा रही है। जांच एजेंसियों ने कई अहम नामों को पूछताछ और हिरासत में लिया है। इससे पहले शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा ने भी सुप्रीम कोर्ट में इसी तरह की अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी।
बेटे चैतन्य बघेल की याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में
उधर, रायपुर के केन्द्रीय जेल में बंद चैतन्य बघेल की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई है। चैतन्य बघेल ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि न तो उनका नाम ईडी की एफआईआर में है और न ही किसी गवाह या आरोपी के बयान में। इसके बावजूद, उन्हें राजनीतिक कारणों से गिरफ्तार किया गया है।
चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर भी सुनवाई सोमवार को ही होनी है।
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