भूपेश बघेल दिया श्राप "जिसने मेरे परिवार को जेल भेजा, उसकी सरकार गई" – अब निशाने पर मोदी सरकार
भूपेश बघेल दिया श्राप "जिसने मेरे परिवार को जेल भेजा, उसकी सरकार गई" – अब निशाने पर मोदी सरकार
रायपुर, 25 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे साजिश करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे निशाने पर लिया है। हरेली पर्व के अवसर पर मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा,
> “अब तक जिसने भी मेरे परिवार को जेल भेजा है, उसकी सरकार गिर गई है। पहले अजीत जोगी ने मेरे पिता को जेल भेजा, उनकी सरकार गई। फिर रमन सिंह ने मुझे जेल भेजा, उनकी सरकार भी चली गई। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे बेटे को जेल भेजा है, आगे देखिए क्या होता है।”
“चैतन्य मेरा बेटा नहीं, छत्तीसगढ़ की जनता मेरा परिवार” – भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी सुनियोजित साजिश है। उन्होंने बिना नोटिस दिए ईडी द्वारा कार्रवाई को "त्योहार की गरिमा को ठेस" बताई। भूपेश ने कहा कि चेतन अकेले नहीं, छत्तीसगढ़ की पूरी जनता मेरा परिवार है, और यह हमला पूरे राज्य के नेतृत्व पर है।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया: “श्राप से नहीं, जनता से बनती-बिगड़ती है सरकार”
पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा:
> “सरकारें किसी के श्राप से नहीं गिरतीं, सत्ता की चाबी जनता के हाथ में होती है। जिन्हें भ्रष्टाचार किया है, उन्हें न्यायालय में जवाब देना होगा। भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की गौठानों का भी बुरा हाल दी थी, उन्हें बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
भ्रष्टाचार की गहराती परतें: शराब, कोयला और महादेव ऐप घोटाले की जांच तेज
ईडी वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव ऐप घोटाले की जांच कर रही है।
चैतन्य बघेल को शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया है।
महादेव ऐप केस में भूपेश बघेल को भी आरोपी बनाया गया है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
कोयला घोटाले में भी कई बड़े नेताओं की भूमिका जांच के घेरे में है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी जल्द ही चैतन्य बघेल से जुड़े “बघेल बिल्ड कॉम” और उसके सहयोगियों की भी गहराई से जांच कर रही है। इस मामले में और भी गिरफ्तारियाँ संभव मानी जा रही हैं।
राजनीतिक संकट या सुनियोजित कार्रवाई?
कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, वहीं भाजपा इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मान रही है। लेकिन एक बात तय है — चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है, और अब सबकी निगाहें भूपेश बघेल पर केंद्रित हो गई हैं।
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