भारत माला प्रोजेक्ट घोटाले में बड़ा खुलासा: छत्तीसगढ़ में 20 अफसरों के ठिकानों पर एक साथ छापा, नकदी-सोना-जमीन के दस्तावेज जब्त
रायपुर | भारत माला प्रोजेक्ट के ज़मीन अधिग्रहण में करोड़ों के घोटाले की जांच में छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई हुई है। बुधवार सुबह ACB और EOW की टीमों ने एक साथ 20 से ज्यादा अफसरों के ठिकानों पर छापा मारा। इनमें SDM, तहसीलदार, पटवारी और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी शामिल हैं। छापों में लाखों की नकदी, सोने-चांदी के जेवर, कीमती गाड़ियां और जमीनों के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
सुबह-सुबह दबिश, अफसरों में हड़कंप
ACB और EOW की अलग-अलग टीमों ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, धमतरी, बालोद, महासमुंद समेत 6 जिलों में एक साथ दबिश दी। सुबह 6 बजे अचानक टीमों ने अफसरों के घर और दफ्तरों का घेराव किया। जिनके यहां रेड पड़ी, उनमें से कई अफसर अभी सेवा में हैं, जबकि कुछ रिटायर हो चुके हैं। छापों की खबर फैलते ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
गड़बड़ी ऐसे की गई थी…
भारत माला प्रोजेक्ट के तहत नेशनल हाईवे के लिए ज़मीन अधिग्रहण होना था। आरोप है कि कई अफसरों ने साजिश रचकर खुद की या अपने करीबियों की जमीन को गलत तरीके से सरकारी परियोजना में शामिल करवाया। जमीन की वैल्यू फर्जी तरीके से बढ़ाई गई और करोड़ों का मुआवजा वसूला गया।
कहीं खेत को बना दिया ‘रिहायशी’,
कहीं सरकारी ज़मीन को बताया निजी
जांच में सामने आया है कि अफसरों ने खेती वाली जमीन को रिहायशी घोषित कर मुआवजा की राशि बढ़वा ली। वहीं कुछ मामलों में सरकारी ज़मीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी बताया गया। इसके लिए रिकॉर्ड में हेरफेर भी की गई।
कितना क्या मिला – इनकम से कई गुना ज़्यादा संपत्ति
नकदी: कई अफसरों के पास से 10 लाख से ज्यादा कैश
ज्वेलरी: 1 किलो से ज्यादा सोना-चांदी के जेवरात
जमीन: लाखों की कीमत वाले रजिस्ट्री पेपर
गाड़ियां: महंगी SUV और लग्जरी कारें
बंगले: शहरों में बेशकीमती रियल एस्टेट संपत्ति
अब आगे क्या?
ACB और EOW की टीमें जब्त दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। जल्द ही आरोपियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। कुछ अधिकारियों को हिरासत में लेने की तैयारी भी की जा रही है। इस केस में कई बड़े नामों के शामिल होने की आशंका है।
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