BJP worker who demanded euthanasia इच्छा मृत्यु की मांग करने वाले भाजपा कार्यकर्ता से AIIMS में की मुलाकात, इलाज में मदद का भरोसा,भूपेश बघेल का बड़ा कदम..

इच्छा मृत्यु की मांग करने वाले भाजपा कार्यकर्ता से AIIMS में की मुलाकात, इलाज में मदद का भरोसा,भूपेश बघेल का बड़ा कदम..
 0
BJP worker who demanded euthanasia   इच्छा मृत्यु की मांग करने वाले भाजपा कार्यकर्ता से AIIMS में की मुलाकात, इलाज में मदद का भरोसा,भूपेश बघेल का बड़ा कदम..

भूपेश बघेल का बड़ा कदम: इच्छा मृत्यु की मांग करने वाले भाजपा कार्यकर्ता से AIIMS में की मुलाकात, इलाज में मदद का भरोसा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति इस समय एक भावुक मोड़ पर खड़ी दिख रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने शनिवार को रायपुर स्थित एम्स (AIIMS) जाकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता विशंभर यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं को सामने लाने वाली घटना बन गई।

दरअसल, भाजपा कार्यकर्ता विशंभर यादव 2023 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होने जा रहे थे। उसी दौरान सड़क हादसे का शिकार होकर वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद से वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए और लगातार इलाज की आवश्यकता बनी रही। लेकिन लंबा इलाज और दवाइयों के खर्च ने परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा दी।

आर्थिक तंगी से जूझते हुए मांगी थी इच्छा मृत्यु

बीमारी से जूझते-जूझते विशंभर यादव की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इच्छा मृत्यु की मांग कर डाली। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि वे लंबे समय से गंभीर बीमार हैं, इलाज पर सारा पैसा खत्म हो गया है और अब हालत यह है कि परिवार दो वक्त की रोटी तक जुटाने में असमर्थ है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता होने के बावजूद उनकी सुध लेने कोई नेता या पदाधिकारी सामने नहीं आया।

सोशल मीडिया पोस्ट ने जगाई हलचल

विशंभर यादव की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पोस्ट में उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि पार्टी के लिए काम करने के बावजूद आज वे अकेले हैं। इस भावुक अपील ने लोगों के दिलों को झकझोर दिया। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नजर इस पोस्ट पर पड़ी।

बघेल ने तुरंत ट्वीट करते हुए लिखा कि—

"अपनी बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक तंगी के कारण इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे भाजपा नेता विशंभर यादव जी की पत्नी से मैंने विशंभर जी को इलाज के लिए रायपुर लाने का आग्रह किया था। यह बताते हुए संतोष है कि विशंभर जी का रायपुर AIIMS में उपचार शुरू हो गया है। आज AIIMS, रायपुर में विशंभर जी से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और परिजनों से मुलाकात की। उनके उपचार में हर मदद के लिए हम सब साथ हैं। वे जल्द स्वस्थ हों।"

भाजपा की किरकिरी

भूपेश बघेल के ट्वीट और उनके एम्स पहुंचकर विशंभर यादव से मुलाकात करने के बाद भाजपा की मुश्किलें बढ़ गईं। विपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी पार्टी के कार्यकर्ता की सुध तक न लेना भाजपा की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर भी लोग भाजपा से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कार्यकर्ता के संकट की घड़ी में पार्टी कहां गायब थी?

कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को और जोर पकड़ाते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ चुनाव और वोट बैंक की राजनीति करती है, जबकि कार्यकर्ताओं की असली तकलीफों की चिंता उसे नहीं है।

भाजपा भी आई हरकत में

भूपेश बघेल की पहल के बाद भाजपा ने भी तेजी दिखाई। बताया जा रहा है कि उनके ट्वीट के बाद ही भाजपा के स्थानीय नेताओं ने सक्रिय होकर विशंभर यादव को एम्स में भर्ती कराने की व्यवस्था की और उनके इलाज की प्रक्रिया शुरू कराई। हालांकि, तब तक पार्टी की छवि को काफी नुकसान पहुंच चुका था।

मुलाकात के राजनीतिक मायने

राजनीतिक गलियारों में भूपेश बघेल की यह मुलाकात कई मायनों में चर्चा का विषय बनी हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम बघेल की मानवीय संवेदनाओं को उजागर करता है और उन्हें एक सहृदय नेता के रूप में स्थापित करता है। वहीं, भाजपा के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है क्योंकि कार्यकर्ता की उपेक्षा का संदेश जनता के बीच जा चुका है।

परिवार का दर्द

विशंभर यादव की पत्नी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हादसे के बाद से ही उनकी जिंदगी कठिनाई में गुजर रही है। इलाज पर लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं और परिवार पूरी तरह से कर्ज में डूब गया है। उन्होंने कहा कि मदद की उम्मीद भाजपा नेताओं से थी, लेकिन वहां से कोई सामने नहीं आया। हांलाकि अब एम्स में इलाज शुरू होने से उन्हें उम्मीद की एक किरण नजर आने लगी है।

भूपेश बघेल की संवेदनशील छवि

राजनीतिक विरोधी होने के बावजूद भाजपा कार्यकर्ता से भूपेश बघेल का मिलना और इलाज की हर संभव मदद का भरोसा दिलाना इस बात को साबित करता है कि राजनीति से ऊपर भी इंसानियत होती है। बघेल ने जिस तरह से इस मामले को व्यक्तिगत स्तर पर गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई कराई, उससे उनकी संवेदनशील छवि और मजबूत हुई है।

सोशल मीडिया पर बहस

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक ओर लोग भूपेश बघेल की पहल की सराहना कर रहे हैं तो दूसरी ओर भाजपा की आलोचना कर रहे हैं। ट्विटर (X) और फेसबुक पर लोग लगातार लिख रहे हैं कि "अगर कार्यकर्ता की सुध भी पार्टी को याद नहीं है तो फिर यह संगठन किसलिए?" वहीं, कई लोग कह रहे हैं कि यह कदम भाजपा के लिए सबक है कि पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

आगे क्या?

अब देखना यह होगा कि भाजपा इस मामले में अपनी छवि सुधारने के लिए क्या कदम उठाती है। फिलहाल विशंभर यादव का इलाज एम्स, रायपुर में शुरू हो चुका है और डॉक्टरों ने कहा है कि निरंतर इलाज से उनकी हालत में सुधार संभव है।

मायने

भूपेश बघेल का यह कदम न केवल राजनीतिक हलकों में बल्कि आम जनता के बीच भी गहरी छाप छोड़ गया है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि राजनीति में भले ही मतभेद हों, लेकिन इंसानियत हमेशा सर्वोपरि है। दूसरी ओर, यह घटना भाजपा के लिए भी चेतावनी है कि यदि पार्टी अपने ही कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करेगी तो इसका असर सीधे उसकी साख पर पड़ेगा।

विशंभर यादव की जिंदगी फिलहाल इलाज पर टिकी है, लेकिन यह पूरा घटनाक्रम छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0