आंधी बारिश और गिरे ओले? कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप..

thunderstorm rain and hail
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आंधी बारिश और गिरे ओले? कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप..

फिर आंधी-बारिश और गिरे ओले ? कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप

एक बार फिर तेज-आंधी-तूफान की तर्ज पर शनिवार को भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है।

रायपुर। एक बार फिर गुरुवार की तेज पर तेज-आंधी-तूफान (Strong storm) की तर्ज पर शनिवार को भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। रायपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में ओले भी गिरे हैं। वैसे भी मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले तीन दिन तक बारिश और ओले गिरने की संभावना है। रायपुर में बारिश होने से नालियों में उफान आ गया है। सड़क और वार्डों में जलभराव गम्भीर समस्या पैदा हो गई है। यह मौसम परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न चक्रवाती परिसंचरणों के प्रभाव के कारण होने की संभावना जताई है।

50- 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के एक या दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ 50- 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की संभावना जताई है। लोगों को चेताया गया है कि वे सतर्क रहें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

शनिवार को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें

राजधानी रायपुर में भी शनिवार को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं की है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान ३७.४ डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान १८ डिग्री सेल्सियस पेंड्रा-रोड रहा। बारिश और गरज-चमक की संभावना के चलते आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है।

तीन सिस्टम हैं सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण पंजाब और उससे सटे उत्तरी राजस्थान और पश्चिम हरियाणा के ऊपर समुद्र तल से ५.८ और ७.६ किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, पंजाब से हरियाणा होते हुए उत्तरी केरल तक एक द्रोणिका (ट्रफ) फैली हुई है। उत्तर पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा और आंतरिक कर्नाटक के ऊपर भी समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

एक और महत्वपूर्ण मौसम प्रणाली उत्तर-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण से पूर्व की ओर फैली हुई है। यह पूर्व-पश्चिम द्रोणिका उत्तर मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश तक जा रही है और इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में हुई बारिश

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज कि गई है। इनमें प्रमुख रूप से घुमका, चांपा, सोनाखान, दुर्ग, गोबरा नवापारा, भानुप्रतापपुर, बालोद, बीजापुर, थानखमरिया, अर्जुंदा, बोड़ला, कवर्धा, देवकर, अभनपुर, अहिवारा, धमधा, राजनांदगांव, गिधौरी टुंड्रा, पिपरिया, डौंडी और मर्री बंगला देवी सहित अन्य इलाके शामिल हैं। इस बारिश से कुछ क्षेत्रों में तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है

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