आधी रात जंग मां और बच्चे की जान बचाने की: मेकाहारा में डॉक्टरों ने की गर्भवती महिला की इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी
राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में एक अनोखा और जटिल मामला सामने आया, जब आधी रात को गर्भवती महिला की जान बचाने के लिए इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी करनी पड़ी। महिला की हार्ट की मुख्य नस 100 प्रतिशत ब्लॉक थी। समय पर की गई सर्जरी से ना सिर्फ महिला की जान बची, बल्कि गर्भस्थ शिशु भी सुरक्षित रहा।
डॉक्टरों के अनुसार महिला को सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया। प्रारंभिक जांच में दिल की एक प्रमुख धमनी के पूरी तरह ब्लॉक होने की पुष्टि हुई। स्थिति बेहद नाजुक थी क्योंकि महिला गर्भवती थी और समय पर निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण था।
डॉक्टरों की टीम ने बिना समय गंवाए आधी रात को एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया शुरू की। कैथ लैब में विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतते हुए सर्जरी को अंजाम दिया। यह एक हाई-रिस्क मामला था क्योंकि मां के साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की भी जान खतरे में थी।
एंजियोप्लास्टी के बाद महिला की स्थिति स्थिर है और डॉक्टरों ने बताया कि शिशु का विकास भी सामान्य रूप से हो रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इस सफल ऑपरेशन को मेकाहारा के इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
डॉ. राहुल अग्रवाल, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया, "मामला बेहद संवेदनशील था। टीमवर्क और समय पर लिए गए निर्णय ने दो जिंदगियों को बचा लिया।"
परिवारजन और अस्पताल के स्टाफ ने डॉक्टरों की तत्परता और कुशलता की जमकर सराहना की है। इस घटना ने मेकाहारा अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं और विशेषज्ञों पर एक बार फिर भरोसाबढ़ाया है।
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