Youths' resentment over SI recruitment छत्तीसगढ़ में एसआई भर्ती पर युवाओं की नाराजगी: आयु सीमा में कटौती से हजारों अभ्यर्थी हुए बाहर
छत्तीसगढ़ में एसआई भर्ती पर युवाओं की नाराजगी: आयु सीमा में कटौती से हजारों अभ्यर्थी हुए बाहर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग के अंतर्गत उप निरीक्षक (एसआई) भर्ती को लेकर युवाओं में असंतोष बढ़ गया है। इस बार भर्ती में अधिकतम आयु सीमा घटा दी गई है, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ओवर-एज हो गए हैं और आवेदन की पात्रता से वंचित रह गए। प्रभावित अभ्यर्थियों ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि आयु सीमा में छूट दी जाए और सभी को आवेदन का समान अवसर मिले।
भर्ती प्रक्रिया और आयु सीमा विवाद
पुलिस विभाग ने राज्य में 341 पदों पर एसआई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इनमें 278 पद उप निरीक्षक, 19 पद सूबेदार, 11 पद उप निरीक्षक (विशेष शाखा), 14 पद प्लाटून कमांडर, 4 पद उप निरीक्षक (अंगुल चिन्ह), 1 पद उप निरीक्षक (पारसी दस्तावेज), 5 पद उप निरीक्षक (कंप्यूटर) और 9 पद उप निरीक्षक (साइबर) के लिए रखे गए हैं।
भर्ती नियमों के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष निर्धारित की गई है। जबकि पिछली बार, वर्ष 2018 और 2021 में आयु सीमा 34 वर्ष थी। इस तरह एक वर्ष की कटौती से हजारों अभ्यर्थी बाहर हो गए हैं। युवाओं का कहना है कि इतने लंबे अंतराल के बाद भर्ती आई है, ऐसे में आयु सीमा बढ़ाई जानी चाहिए थी, ताकि वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को मौका मिल सके।
पिछली भर्तियों में मिली थी छूट
इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 2018 में 655 पदों पर एसआई भर्ती निकाली गई थी। बाद में वर्ष 2021 में यह संख्या बढ़कर 975 पद कर दी गई। उस समय सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 34 वर्ष थी और शासन ने अतिरिक्त छूट भी प्रदान की थी।
लेकिन वर्ष 2024 में निकली नई भर्ती में आयु सीमा 21 से 28 वर्ष रखी गई है। शासन ने इसमें 5 साल की आयु छूट का प्रावधान किया है, जिससे अधिकतम सीमा 35 वर्ष हो जाती है। बावजूद इसके, कई अभ्यर्थी जो 2018 और 2021 की भर्तियों में पात्र थे, अब बाहर हो चुके हैं।
आवेदन की प्रक्रिया पूरी, टेस्ट शुरू नहीं
इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया दिसंबर 2024 में समाप्त हो चुकी है। अब तक करीब आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन भर्ती की अगली प्रक्रिया, यानी फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) शुरू नहीं हुई है।
इसमें देरी से अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई है। उनका कहना है कि पिछली बार एसआई भर्ती प्रक्रिया लगभग 6 साल तक चली थी। उस समय हजारों अभ्यर्थियों का करियर अधर में लटक गया था। इस बार भी अगर भर्ती प्रक्रिया लंबी खिंची तो अभ्यर्थियों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
युवाओं का विरोध और मांगें
आयु सीमा घटाने के फैसले से नाराज युवा लगातार आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा लंबे समय बाद आई है, लेकिन आयु सीमा घटा देने से हजारों अभ्यर्थियों का सपना अधूरा रह गया।
युवाओं का तर्क है कि एक ओर शासन रोजगार मेलों और युवाओं को अवसर देने की बातें करता है, वहीं दूसरी ओर पुलिस भर्ती जैसी अहम परीक्षा में उम्र घटा दी गई है। प्रभावित उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई है।
उनकी प्रमुख मांगें हैं:
1. आयु सीमा 1 वर्ष बढ़ाई जाए, ताकि 2018 और 2021 की भर्ती में शामिल रहे अभ्यर्थी भी इस बार अवसर पा सकें।
2. भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जाए और फिजिकल टेस्ट जल्द शुरू हों।
3. भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि पिछली बार जैसी देरी दोबारा न हो।
युवाओं में निराशा और भविष्य की चिंता
कई अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने वर्षों तक पुलिस भर्ती की तैयारी की है। कोचिंग, शारीरिक अभ्यास और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार मेहनत करने के बावजूद अब केवल आयु सीमा घटा देने के कारण वे बाहर हो गए हैं।
एक अभ्यर्थी ने कहा – “हमने 2018 से तैयारी शुरू की थी। उसके बाद कई साल भर्ती ही नहीं आई। अब जब आई तो हमारी उम्र पार हो गई। सरकार को युवाओं की मेहनत और समय का सम्मान करना चाहिए।”
सरकार से उम्मीदें
हालांकि अभी तक शासन की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन यह साफ है कि प्रभावित युवाओं की संख्या हजारों में है और उनकी नाराजगी बढ़ रही है। अगर सरकार इस ओर ध्यान नहीं देती है, तो आने वाले समय में विरोध और आंदोलन तेज हो सकते हैं।
प्रदेश में बेरोजगारी पहले से एक बड़ा मुद्दा है। ऐसे में पुलिस जैसी बड़ी भर्ती में आयु सीमा को लेकर विवाद सरकार के लिए चुनौती साबित हो सकता है।
मायने
छत्तीसगढ़ की एसआई भर्ती ने युवाओं की उम्मीदों को जगाया, लेकिन आयु सीमा घटने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बाहर हो गए हैं। अब उनकी निगाहें मुख्यमंत्री और शासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार युवाओं की मांग मानकर आयु सीमा बढ़ाएगी और उन्हें आवेदन का एक और मौका देगी?
अगर ऐसा होता है तो हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। वहीं, भर्ती प्रक्रिया में देरी से बचते हुए अगर समयबद्ध तरीके से फिजिकल और अन्य परीक्षाएं कराई जाएं, तो युवाओं का विश्वास भी शासन पर कायम रह सकेगा।
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