राष्ट्रीय राजमार्ग की तानाशाही ठेकेदारों मनमर्जी से ग्रामीण परेशान गांव वालों ने बुलाई बैठक सुनने वाला कोई नहीं..
राष्ट्रीय राजमार्ग ठेकेदारों के तानाशाही का विरोध थमने का नाम ही नहीं ले रहा बासनवाही पर ग्रामीणों ने सभा करके गांव के मध्य बनाए जा रहे पुल की ऊंचाई को लेकर विरोध प्रकट किया गांव वालों ने कहा कि मुख्य मार्ग से यह गहरा है पुल के बीच में ही पानी रुकेगी वही जो पानी निकासी पुल बन रहा है वह अपर्याप्त है यहाँ जंगल का पानी सीधे बाढ़ के रूप में आता है । राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियर भी आए व दबे जुबान ऊपर के कर अधिकारीयों का निर्देश बताते रहे ग्रामीणों ने कैंप के लोगों द्वारा गांव के खेतो में फैलाए जा रहे गंदगियों के बारे में भी कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाया कहा गांव में 100% शौचालय भवन युक्त गांव है पर जब से यहां पर इनके मजदूर आए हैं आसपास के खेतों में शौच खर्च के चले जाते हैं जिससे चारों ओर गंदगी फैल रही है वहीं कैंप पर भोजन करके पॉलिथीन खुले में फेंक दिए जिससे 10 से अधिक गाय बकरी मृत हो गए जिसकी भरपाई करने के लिए कंपनी को गांव वालों ने दो दिन का समय दिया कहा मंगलवार रात्रि तक भरपाई नहीं किए तो बुधवार को महिला पुरुष सभी कंपनियों के कैंप में आकर धरना प्रदर्शन देंगे गांव के समाजसेवी संदीप द्विवेदी ने बताया गांव वालों की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है अगर इसका हल नहीं निकला तो गांव में और भी माहौल खराब हो सकती है इनका कार्यशैली संतुष्टि जनक नहीं मेरा स्वयं का एक एकड़ कृषि खेत में मिट्टी पत्थर अभी भी भरा है तो बाकी पीड़ितों का क्या हाल होगा क्षेत्र की जनपद सदस्य ने कहा मंगलवार तक का समय दिया गया है कंपनी संतुष्टि जनक जवाब प्रस्तुत कर नहीं करती तो स्वयं जिम्मेदार होगी जनता का हित मेरे लिए सर्वोपरि है ।
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