5000 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा लहराया, नक्सलियों के गढ़ में सुरक्षाबलों ने गाड़ा परचम
एक ओर जहां नक्सली इलाके में आमजनता दहशत में जीती है, वहीं सुरक्षाबलों ने बीजापुर के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र कर्रेगुट्टा में इतिहास रच दिया। करीब 5000 फीट ऊंचाई पर स्थित इस पहाड़ पर नक्सलियों के कब्जे को खत्म कर फोर्स ने न केवल तिरंगा फहराया, बल्कि यह भी संदेश दे दिया कि अब जंगलों में लाल नहीं, भारत का तिरंगा लहराएगा।
जानकारी के मुताबिक, कर्रेगुट्टा पहाड़ी लंबे समय से नक्सलियों के ठिकाने के रूप में बदनाम रही है। यहां पहुंचना ना सिर्फ मुश्किल था, बल्कि खतरे से भी भरा। लेकिन CRPF और STF की संयुक्त टीम ने 3 दिन के ऑपरेशन के बाद इस क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने ऑपरेशन की तारीफ करते हुए साफ कहा, “अब नक्सलियों से कोई शांति वार्ता नहीं होगी। यह समय कार्रवाई का है, और हर उस जगह पर कार्रवाई होगी जहां से भारत की संप्रभुता को चुनौती दी जा रही है।”
खास बातें:
ऑपरेशन में शामिल जवानों ने पहाड़ी पर पहुंचते ही सबसे पहले तिरंगा फहराया।
इस इलाक़े को नक्सलियों ने 'लाल ज़ोन' घोषित कर रखा था, अब यह भारत के तिरंगे की छाया में आ गया है।
पहाड़ी से नीचे नक्सलियों के कई बंकर भी नष्ट किए गए हैं।
स्थानीय लोगों में सुरक्षा बलों के इस कदम से विश्वास जगा है।
पर्दे के पीछे की रणनीति:
सुरक्षाबलों ने सैटेलाइट इमेजिंग और खुफिया नेटवर्क की मदद से नक्सलियों के मूवमेंट को ट्रैक किया। इसके बाद अंधेरे में चुपचाप चढ़ाई की गई और सुबह होते ही इलाके को घेर लिया गया।
नक्सलियों के लिए बड़ा झटका:
यह क्षेत्र नक्सलियों की ट्रेनिंग और हथियार स्टोरेज के लिए जाना जाता था। इस पर कब्जा सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
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