बिलासपुर में तबादलों का खेल! एक स्कूल में पोस्टिंग, दूसरे से वेतन—शिक्षकों ने अफसरों पर लगाए गंभीर आरोप
बिलासपुर, छत्तीसगढ़।शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण आदेशों को लेकर बिलासपुर जिले में जबरदस्त घमासान मच गया है। कई शिक्षकों ने खुलकर आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने मनमर्जी से तबादले किए, जिससे एक शिक्षक की पोस्टिंग एक स्कूल में कर दी गई, लेकिन उनका वेतन किसी और स्कूल से बन रहा है। इस गड़बड़ी के विरोध में अब शिक्षक संगठन "पोल खोल अभियान" चलाने जा रहा है।
क्या है मामला?
शिक्षकों का कहना है कि विभागीय अफसरों ने बिना कोई स्पष्ट नियम अपनाए ही तबादलों की सूची जारी कर दी। इसमें कई शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में भेजा गया, जहां पहले से ही पर्याप्त स्टाफ मौजूद है। वहीं कुछ स्कूलों में गंभीर शिक्षक संकट है, लेकिन वहां पदस्थापन नहीं किया गया।
शिक्षकों के आरोप:
अफसरों ने निजी हितों के चलते नियम तोड़े।
काउंसलिंग के नाम पर दिखावे की प्रक्रिया अपनाई गई।
कुछ शिक्षकों के साथ दोहरी गड़बड़ी—पोस्टिंग एक स्कूल, वेतन दूसरे से।
शिक्षकों की सीनियरिटी और अनुभव को किया नजरअंदाज।
पोल खोल अभियान की तैयारी:
जिला स्तर पर शिक्षक संगठन अब चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी में हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वे हर स्कूल की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं जहां अनियमितता हुई है। इन सूचनाओं को वे प्रेस के माध्यम से सार्वजनिक करेंगे और शासन से कार्रवाई की मांग करेंगे।
शिक्षकों की मांगें:
युक्तियुक्तकरण आदेशों की निष्पक्ष जांच हो।
दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
प्रभावित शिक्षकों को तुरंत राहत दी जाए।
स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए नई गाइडलाइन बने।
प्रशासन क्या कहता है?
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई है। हालांकि, यदि कहीं तकनीकी गड़बड़ी हुई है तो उसे सुधारा जाएगा।
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