कोलकाता के आसमान में मंडराते दिखे संदिग्ध ड्रोन, जासूसी की आशंका के बीच जांच शुरू

Suspicious drones seen hovering in Kolkata sky, investigation begins amid fears of espionage कोलकाता के आसमान में मंडराते दिखे संदिग्ध ड्रोन, जासूसी की आशंका के बीच जांच शुरू
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कोलकाता के आसमान में मंडराते दिखे संदिग्ध ड्रोन, जासूसी की आशंका के बीच जांच शुरू

कोलकाता के आसमान में मंडराते दिखे संदिग्ध ड्रोन, जासूसी की आशंका के बीच जांच शुरू

कोलकाता, 21 मई: कोलकाता में हाल ही में रात के समय आसमान में ड्रोन जैसी कई उड़ती वस्तुएं देखे जाने से हड़कंप मच गया है। घटना को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और राज्य प्रशासन में चिंता की लहर दौड़ गई है। यह घटना सोमवार रात की है, जब कोलकाता के कई प्रमुख क्षेत्रों—जैसे हेस्टिंग्स, विद्यासागर सेतु (सेकंड हुगली ब्रिज), मैदान और पार्क सर्कस—के ऊपर कम से कम आठ से दस अज्ञात उड़ती वस्तुएं देखी गईं। इसके बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है, जिसमें जासूसी जैसे गंभीर पहलुओं को भी शामिल किया गया है।

संदेहास्पद गतिविधियां और सेना क्षेत्र के पास दिखे ड्रोन

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन उड़ती वस्तुओं को हेस्टिंग्स पुलिस थाने के अधिकारियों ने सबसे पहले देखा। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से अति संवेदनशील फोर्ट विलियम के निकट स्थित है, जो भारतीय सेना की पूर्वी कमान का मुख्यालय है। इन ड्रोन जैसी वस्तुओं की दिशा दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतला क्षेत्र से आने की बताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि ये वस्तुएं आसमान में कुछ समय तक मंडराने के बाद कोलकाता के पूर्वी हिस्से में स्थित पार्क सर्कस क्षेत्र की ओर बढ़ीं और फिर वहां से अचानक गायब हो गईं।

जांच एजेंसियां अलर्ट पर, केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

घटना की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और जासूसी शाखा (इंटेलिजेंस विंग) ने मिलकर इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम जासूसी समेत सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं।”

वहीं, केंद्र सरकार ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय दोनों स्तरों पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

रक्षा मंत्रालय ने भी दी प्रतिक्रिया

एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, “कोलकाता के ऊपर ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली है और फिलहाल इसकी प्रामाणिकता की जांच की जा रही है।” उन्होंने बताया कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ये वस्तुएं वास्तव में ड्रोन थीं या कुछ और।

नागरिकों में चिंता, सुरक्षा में चूक की आशंका

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देश भर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। राजधानी कोलकाता के हृदयस्थल में इस प्रकार की अज्ञात वस्तुओं का देखा जाना न सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है, बल्कि यह एयरस्पेस उल्लंघन और संवेदनशील स्थलों की निगरानी से जुड़ा संभावित खतरा भी दर्शाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना साइबर जासूसी, सामरिक सर्वेक्षण या दुश्मन देशों द्वारा ड्रोन्स की घुसपैठ से जुड़ी हो सकती है। चूंकि ड्रोन का उपयोग आजकल न सिर्फ निगरानी बल्कि हमलों और डेटा चोरी के लिए भी किया जा रहा है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों को इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेना चाहिए।

अब आगे क्या?

पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इन ड्रोन जैसी वस्तुओं की फ्लाइट पथ, समय, दिशा और ऊंचाई से जुड़ा डेटा एकत्र किया जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल नेटवर्क डेटा की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा, डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) से इन क्षेत्रों में ड्रोन उड़ान की अनुमति के रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि ये उड़ानें कानूनी थीं या नहीं।

कोलकाता के ऊपर रहस्यमयी ड्रोन जैसी वस्तुओं की मौजूदगी एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बनकर उभरी है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, यह कहना मुश्किल है कि यह किसी तकनीकी कंपनी की परीक्षण उड़ान थी, किसी असामाजिक तत्व की हरकत, या फिर एक संगठित जासूसी प्रयास। हालांकि, प्रशासन और रक्षा एजेंसियां इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर जांच में जुटी हुई हैं।

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