छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती: बनेगा हाईटेक होल्डिंग सेंटर, एसटीएफ करेगी बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान
छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती: बनेगा हाईटेक होल्डिंग सेंटर, एसटीएफ करेगी बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान
रायपुर, 22 मई देशभर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, खासकर बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र द्वारा राज्यों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत अब छत्तीसगढ़ सरकार भी सख्त एक्शन लेने जा रही है। राज्य में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन कर दिया गया है, जो इन घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें होल्डिंग सेंटर तक पहुंचाने का कार्य करेगी।
क्या है एसटीएफ की भूमिका?
छत्तीसगढ़ की एसटीएफ को राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय किया जाएगा। इसका काम होगा:
बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अन्य अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान करना,
उनके रहवास, नौकरी, दस्तावेज और नागरिकता की जांच करना,
जो भी अवैध रूप से रह रहा है, उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेकर होल्डिंग सेंटर भेजना।
एसटीएफ को विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि कोई भी अवैध नागरिक छिप न सके।
बनेंगे अत्याधुनिक होल्डिंग सेंटर
राज्य सरकार द्वारा ऐसे होल्डिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं, जहां अवैध विदेशी नागरिकों को रखा जाएगा। यह सेंटर हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगे, जिनमें:
**फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन,
फेस रिकग्निशन सिस्टम,
24x7 निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे,
डिजिटल रजिस्ट्रेशन सिस्टम** शामिल हैं।
इन सेंटरों से आगे की कार्रवाई में केंद्र सरकार की एजेंसियां और विदेश मंत्रालय भी जुड़ेंगे।
किराएदार या सहायक के रूप में शरण देने पर सख्त कार्रवाई
अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर या अनजाने में किसी बांग्लादेशी या रोहिंग्या मुसलमान को अपने घर में किराएदार या घरेलू सहायक के रूप में रखता है, तो उस पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में जेल की सजा और भारी जुर्माना का प्रावधान है।
मकान मालिकों को किरायेदार का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाना होगा।
जनता से अपील
राज्य प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे:
किसी भी संदिग्ध विदेशी नागरिक की सूचना तत्काल नजदीकी थाने या एसटीएफ को दें,
बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किसी अनजान व्यक्ति को किराए पर न रखें,
शरण देने से पहले उसकी नागरिकता की जांच करें।
राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता
यह कदम छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य के सीमावर्ती इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध प्रवासियों की गतिविधियों में हाल के वर्षों में वृद्धि देखी गई है, जिससे यह कार्रवाई जरूरी हो गई थी।
यह कदम केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर समन्वय बनाकर लागू किया जा रहा है और आने वाले समय में इसके और कड़े स्वरूप देखने को मिल सकते हैं।
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