सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राहुल गांधी को वीर सावरकर पर बोलने से रोकने की याचिका खारिज
वीर सावरकर को लेकर देश की राजनीति में अक्सर विवाद होता रहा है। इसी बीच एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे सावरकर के खिलाफ कोई टिप्पणी न करें। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस याचिका को खारिज कर दिया।
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सत्यन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को संविधान के तहत अभिव्यक्ति की आजादी मिली है, जब तक वो किसी कानून का उल्लंघन न करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में न्यायपालिका का दखल देना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ठेस पहुंचा सकता है।
याचिका में कहा गया था कि राहुल गांधी ने वीर सावरकर को लेकर कई बार अपमानजनक टिप्पणियां की हैं, जो देश के एक स्वतंत्रता सेनानी की गरिमा के खिलाफ हैं। याचिकाकर्ता की दलील थी कि इससे लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए कोर्ट को राहुल गांधी को निर्देश देना चाहिए कि वे आगे से इस तरह की टिप्पणी न करें।
हालांकि कोर्ट ने साफ कर दिया कि वह इस तरह के मामलों में किसी को बोलने से रोकने का आदेश नहीं दे सकता। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई बयान आपत्तिजनक है, तो उसके लिए वैधानिक विकल्प उपलब्ध हैं।
क्या बोले राजनीतिक जानकार:
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला अभिव्यक्ति की आजादी की दिशा में एक अहम कदम है। वहीं कांग्रेस ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि "सच्चाई बोलने से किसी को नहीं रोका जा सकता।"
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