बिजली संकट ने रायपुर को झकझोरा: 10 घंटे की कटौती से मचा हाहाकार,
रायपुर। राजधानी रायपुर में गुरुवार को बिजली गुल होने से 10 लाख की आबादी बेहाल हो गई। करीब 150 एशिया में पूरा दिन अँधेरा बीता। अंतिम चरण में डॉक्टर डॉ. गौरव सिंह और संतोष संतोष सिंह खुदी रोड पर उतरे। शिकायत में केंद्रशासित की नाकामी उस समय सामने आई जब वहां फंसे हुए लोग वहां से भागने के लिए भाग गए।
सुबह 11 बजे बिजली बंद, रात 9 बजे तक बहाल नहीं
बिजली आकाशवाणी की शुरुआत गुरुवार सुबह 11 बजे हुई। कुछ देर की बात शुरू हुई, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, लोगों की हिम्मत जवाब देती गई। दो ढलते-ढलते स्थिति यह हो गई कि घर में खाना नहीं बन पाया, स्कूल में बच्चों को समय से छुट्टी दे दी गई और कलाकारों को रचनात्मक कार्यशाला में शामिल कर लिया गया।
150 से अधिक अंधेरे में डूबे
राजधानी के शंकर नगर, पुरानी बस्ती, टाटीबांध, डंगनिया, बिरगांव, और कबीर नगर जैसे प्रमुख महासागरों में पूरी तरह से कालापन आ रहा है। स्ट्रीट्स पर सिग्नल बंद हो गए, जिससे चंबा व्यवस्था स्थापित हो गई। बुनियादी ढांचे में काम से काम चलाया गया।
प्रशासन में आया, अधिकारी क्षेत्र में प्रवेश
वॅसलाइसते देख आर्किटेक्ट और एस्टोमी ने खुद के स्केल का निर्माण किया। रजिस्ट्रार ने बिजली कंपनी के इंजीनियर से जवाब तलब किया। वहीं एसएसपी ने केंद्र स्थापना हॉल के निर्माण के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने पहले ही अपना स्थान हटा दिया था।
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