छत्तीसगढ़ में रेल क्रांति: 47 हजार करोड़ की रेल परियोजनाएं प्रगति पर, 2030 तक दोगुना होगा रेल नेटवर्क
छत्तीसगढ़ में रेल क्रांति: 47 हजार करोड़ की रेल परियोजनाएं प्रगति पर, 2030 तक दोगुना होगा रेल नेटवर्क
रायपुर, 27 जून 2025।छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति देखने को मिल रही है। केंद्र सरकार की प्राथमिकता और प्रदेश सरकार की पहल पर राज्य में करीब 47 हजार करोड़ रुपए की लागत से रेल परियोजनाओं का निर्माण तेजी से जारी है। वर्ष 2030 तक प्रदेश का रेल नेटवर्क दोगुना होकर 2200 रूट किलोमीटर तक पहुंच जाएगा।
6925 करोड़ का बजट आवंटन, दो नई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात
वर्ष 2025-26 के बजट में छत्तीसगढ़ को 6925 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इसके तहत प्रदेश को रायपुर-विशाखापट्टनम और रायपुर-नागपुर वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिली है। इसके अलावा रायपुर मेट्रो ट्रेन के लिए भी सर्वे का काम शुरू हो चुका है।
32 रेलवे स्टेशन बनेंगे वर्ल्ड क्लास अमृत भारत स्टेशन
प्रदेश के 32 स्टेशनों को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इनमें अंबिकापुर, उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर और डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा किया गया।
1680 करोड़ रुपए की लागत से रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।
प्रमुख रेल परियोजनाएं और निवेश
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 47 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें शामिल प्रमुख परियोजनाएं:
राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन (228 किमी) — लागत: 3544.25 करोड़
बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन (206 किमी) — लागत: 2135.34 करोड़
खरसिया-धरमजयगढ़ नई रेललाइन (162.5 किमी) — लागत: 3438.39 करोड़
गौरेला-पेंड्रा रोड-गेवरा रोड रेल प्रोजेक्ट (156.81 किमी) — लागत: 4970.11 करोड़
केन्द्री-धमतरी एवं अभनपुर-राजिम आमान परिवर्तन (67.20 किमी) — लागत: 544 करोड़
बोरिडांड-अंबिकापुर दोहरीकरण (80 किमी) — लागत: 776 करोड़
बस्तर अंचल में विकास का नया अध्याय
रावघाट-जगदलपुर (140 किमी) नई रेललाइन परियोजना को 3513.11 करोड़ रुपए में मंजूरी दी गई है। इससे बस्तर में पर्यटन, व्यापार, रोजगार और यातायात की बेहतर सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा, केके लाइन (कोत्तवलसा-किंरदुल) दोहरीकरण परियोजना भी तेजी से जारी है। बस्तर क्षेत्र के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली कोठागुडेम-किरंदुल (160.33 किमी) नई रेललाइन के सर्वे का काम अंतिम चरण में है।
नई परियोजनाओं का सर्वे अंतिम चरण में
छत्तीसगढ़ में कई नई रेल परियोजनाओं के लिए डीपीआर और सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। प्रमुख प्रस्तावित प्रोजेक्ट:
अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किमी) — लागत: 9718 करोड़
खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा (278 किमी) — लागत: 7854 करोड़
धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किमी) — लागत: 16834 करोड़
कटघोरा-डोंगरगढ़ रेललाइन के लिए 300 करोड़ की मंजूरी
छत्तीसगढ़ सरकार ने कटघोरा-डोंगरगढ़ रेललाइन के लिए 300 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। इससे नागपुर-झारसुगुड़ा रेलमार्ग पर मालगाड़ियों का दबाव कम होगा।
मायने
छत्तीसगढ़ में चल रही यह रेल परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी छलांग साबित होंगी। बस्तर समेत कई पिछड़े अंचलों में पहली बार रेल कनेक्टिविटी पहुंचने से विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
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