प्रीति जिंटा एक बार फिर कोर्ट में पहुंचीं, नेस वाडिया और मोहित बर्मन के खिलाफ दर्ज कराया केस ..
प्रीति जिंटा एक बार फिर कोर्ट में पहुंचीं, नेस वाडिया और मोहित बर्मन के खिलाफ दर्ज कराया केस
पंजाब किंग्स की मालकिन और बॉलीवुड अभिनेत्री का बड़ा कदम, 21 अप्रैल की बोर्ड मीटिंग को बताया अवैध
मुंबई बॉलीवुड अभिनेत्री और आईपीएल फ्रेंचाइज़ी पंजाब किंग्स की सह-मालकिन प्रीति जिंटा एक बार फिर कानूनी लड़ाई के मोर्चे पर उतर आई हैं। उन्होंने कैफ ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (KPH Dream Cricket Pvt. Ltd.) के अन्य साझेदारों नेस वाडिया और मोहित बर्मन के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह इस वर्ष में दूसरी बार है जब प्रीति ने कंपनी के आंतरिक मामलों को लेकर अदालत में याचिका दायर की है।
याचिका में क्या है मामला?
प्रीति जिंटा ने अपनी याचिका में दावा किया है कि 21 अप्रैल 2025 को आयोजित की गई बोर्ड मीटिंग अवैध रूप से बुलाई गई थी। उनका कहना है कि न तो उन्हें इस बैठक की विधिवत जानकारी दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई, जो कंपनी अधिनियम और साझेदारी नियमों का उल्लंघन है।
इस बैठक में जो प्रस्ताव पारित किए गए, उन पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी प्रीति ने की है। उनका आरोप है कि ये प्रस्ताव उनके और अन्य शेयरधारकों के अधिकारों को नजरअंदाज़ करते हुए पारित किए गए हैं।
प्रीति-नेस वाडिया विवाद का इतिहास
प्रीति जिंटा और नेस वाडिया के बीच रिश्तों में तनाव कोई नई बात नहीं है। दोनों कभी निजी रिश्ते में भी थे, लेकिन 2014 में उनके बीच बड़ा विवाद सामने आया था जब प्रीति ने नेस वाडिया पर वानखेड़े स्टेडियम में दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया, लेकिन व्यावसायिक साझेदारी के दौरान दोनों के बीच मतभेद फिर उभरते रहे।
पंजाब किंग्स पर असर?
कैफ ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड वही कंपनी है जिसके अंतर्गत आईपीएल टीम पंजाब किंग्स संचालित होती है। ऐसे में साझेदारों के बीच चल रहा यह विवाद टीम की रणनीति, ब्रांड वैल्यू और प्रबंधन पर भी असर डाल सकता है। हालांकि अब तक टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कानूनी प्रक्रिया क्या कहती है?
कंपनी कानून के तहत किसी भी बोर्ड मीटिंग को आयोजित करने से पहले सभी निदेशकों को समय पर सूचना देना अनिवार्य होता है। अगर कोई बैठक बिना सहमति या उचित सूचना के आयोजित की जाती है, तो उसे न्यायिक रूप से अवैध घोषित किया जा सकता है। अदालत इस मामले में बैठक के निर्णयों पर स्थगन आदेश (Stay) भी दे सकती है।
प्रीति जिंटा द्वारा एक बार फिर कोर्ट में कदम उठाना यह दर्शाता है कि पंजाब किंग्स की आंतरिक राजनीति अब भी अस्थिर बनी हुई है। आने वाले दिनों में अदालत का निर्णय इस पूरे मामले की दिशा तय करेगा, और संभवतः आईपीएल टीम के भविष्य को भी प्रभावित कर सकता है।
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