तोमर ब्रदर्स के खिलाफ दर्ज 17 मामलों में पुलिस ने कसी कानूनी शिकंजा — जमानत रोकने कोर्ट पहुंची, छत्तीसगढ़ में बवाल

Police tightened the legal grip in 17 cases registered against Tomar Brothers - reached the court to stop bail, uproar in Chhattisgarh तोमर ब्रदर्स के खिलाफ दर्ज 17 मामलों में पुलिस ने कसी कानूनी शिकंजा — जमानत रोकने कोर्ट पहुंची, छत्तीसगढ़ में बवाल
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तोमर ब्रदर्स के खिलाफ दर्ज 17 मामलों में पुलिस ने कसी कानूनी शिकंजा — जमानत रोकने कोर्ट पहुंची, छत्तीसगढ़ में बवाल

तोमर ब्रदर्स के खिलाफ दर्ज 17 मामलों में पुलिस ने कसी कानूनी शिकंजा — जमानत रोकने कोर्ट पहुंची, छत्तीसगढ़ में बवाल

 रायपुर। सूदखोरी, वसूली और ब्लैकमेलिंग के 17 मामलों में फरार चल रहे तोमर ब्रदर्स के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में बड़ा कदम उठाया। पुलिस ने दोनों भाइयों वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी और रोहित तोमर की जमानत रद्द करने की अर्जी दाखिल कर दी है। पुलिस का कहना है कि इनकी वजह से कई परिवार बर्बाद हो गए हैं, ऐसे अपराधियों को जमानत का लाभ नहीं मिलना चाहिए।

 राजस्थान-यूपी में छिपे होने का शक, पुलिस की दबिश जारी

दोनों भाइयों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें राजस्थान और यूपी में छापेमारी कर रही हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस को इनके अलग-अलग ठिकानों का सुराग भी मिला है। वीरेंद्र तोमर पर हत्या, मारपीट, सूदखोरी और वसूली के 7 मामले, जबकि रोहित तोमर पर अलग-अलग थानों में 10 केस दर्ज हैं।

 अगर जमानत रद्द हुई, तो एनकाउंटर तक की बन सकती है नौबत!

सूत्रों का कहना है कि अगर कोर्ट इनकी जमानतें कैंसिल करती है, तो पुलिस को इन पर शिकंजा कसने में और आसानी होगी। जानकारी तो यहां तक है कि कई मामलों में अदालत एनकाउंटर की इजाजत भी दे चुकी है। ऐसे में अगर तोमर ब्रदर्स की जमानतें रद्द होती हैं, तो एनकाउंटर की स्थिति भी बन सकती है।

बीजेपी सरकार और पुलिस की साख पर सवाल

तोमर बंधुओं की फरारी ने छत्तीसगढ़ पुलिस और विष्णु देव सरकार की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि 22 टीमों को इनकी तलाश में लगाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। सोशल मीडिया पर लोग बीजेपी सरकार को घेर रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं कि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, और सरकार लाचार!

कांग्रेस सरकार में 'ढेवर एंड कंपनी' और अब बीजेपी में 'तोमर बंधु'

पूर्व में कांग्रेस सरकार के समय भारतीय जनता पार्टी के नेता 'ढेवर एंड कंपनी' पर आरोप लगाते थे कि वो छत्तीसगढ़ को बर्बाद कर रहे हैं। आज वही स्थिति तोमर बंधुओं के कारण बीजेपी के लिए बन गई है। लोग कह रहे हैं कि अपराधी बदल गए, सत्ता बदली, लेकिन छत्तीसगढ़ का शोषण जारी है।

विधानसभा चुनाव में असर तय

अगर सरकार ने जल्द कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो इसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है। आम जनमानस में नाराज़गी बढ़ रही है कि बाहरी लोग आकर छत्तीसगढ़ में अपराध कर रहे हैं, और सरकार व पुलिस सिर्फ दिखावा कर रही है।

 अब देखना दिलचस्प होगा कि विष्णु देव सरकार और छत्तीसगढ़ पुलिस कब तक इन दोनों हिस्ट्रीशीटरों को पकड़ पाती है, या फिर कोई बड़ा एक्शन लेती है।

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