5 लाख वाहनों की नंबर प्लेट योजना फेल, सरकार की तकनीक पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) योजना की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। पहले चरण में 5 लाख वाहनों में ये प्लेट्स लगाने का टारगेट था, लेकिन तकनीकी खामियों और लचर व्यवस्था ने इस पूरे सिस्टम को पटरी से उतार दिया है। अब सवाल ये है कि जिन 45 लाख वाहनों की नंबर प्लेट लगनी बाकी है, उनका क्या होगा?
पेमेंट किया, स्लॉट नहीं मिला... लोग भटके
योजना के तहत वाहन मालिकों को ऑनलाइन वेबसाइट पर जाकर स्लॉट बुक करना था। लेकिन वेबसाइट या तो खुलती ही नहीं थी, और अगर खुल गई तो पेमेंट के बाद स्लॉट कन्फर्म नहीं होता। कई लोगों का पैसा फंस गया, लेकिन उन्हें न तो स्लॉट मिला और न ही कोई समाधान।
डीलर बोले – हमारी नहीं, सिस्टम की गलती है
वाहन डीलर इस फेलियर के लिए खुद को जिम्मेदार नहीं मानते। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पूरी तरह ठप पड़ा है। “हम सिर्फ आदेश के तहत काम कर रहे हैं, लेकिन जब वेबसाइट ही काम नहीं कर रही, तो हम क्या करें?”, एक डीलर ने कहा।
45 लाख वाहन इंतजार में, लेकिन रोडमैप नहीं
HSRP योजना के दूसरे चरण में राज्य के 45 लाख पुराने वाहनों में प्लेट्स लगनी हैं। लेकिन पहले ही चरण में सिस्टम फेल होने से सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अभी तक ये भी स्पष्ट नहीं है कि फंसे हुए लोगों को रिफंड मिलेगा या नहीं।
क्या है HSRP और क्यों है जरूरी?
HSRP यानी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट – ये नंबर प्लेट खास मटेरियल से बनी होती है और इनमें लेजर कोडिंग, होलोग्राम और अन्य सिक्योरिटी फीचर्स होते हैं, जिससे चोरी या फर्जीवाड़े को रोका जा सके। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देशभर में यह योजना लागू की जा रही है।
जवाब देने से बच रहे अफसर
जब इस पूरे मामले पर परिवहन विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा गया तो उन्होंने “फिर बात करते हैं” कहकर पल्ला झाड़ लिया। अंदरखाने खबर ये है कि विभाग खुद इस गड़बड़ी से हैरान है और तकनीकी टीम को चेतावनी दी जा चुकी है।
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