नक्सलवाद खत्म होगा"2026"को यह बड़ा छलावा 15 अगस्त को छात्र ने फहराया झंडा नक्सलियों ने उतारा मौत के घाट..
कांकेर: तिरंगा फहराने पर नक्सलियों ने छात्र की हत्या, बैनर लगाकर ली जिम्मेदारी
कांकेर/बीजापुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत एक बार फिर सामने आई है। कांकेर जिले के चारनगांव थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने 12वीं कक्षा के छात्र मुनेश नूरूटी की हत्या कर दी। आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन मुनेश ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नक्सलियों द्वारा बनाए गए स्मारक पर तिरंगा फहराया था। इसी से नाराज होकर माओवादियों ने 16 अगस्त को उसे अगवा कर लिया और 19 अगस्त को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने बुधवार को मुनेश का शव बीजापुर जिले के पामलवा गांव के जंगलों से बरामद किया। हत्या की जिम्मेदारी नक्सलियों ने गांव में लगाए गए बैनर के जरिए स्वीकार की है।
हत्या की जानकारी बैनर से मिली
एसडीओपी पखांजूर रघुपति कुर्रे ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को पहले नहीं थी। 19 अगस्त को नक्सलियों द्वारा लगाए गए बैनर के माध्यम से हत्या का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
नक्सलियों की परंपरा – काला झंडा
हर साल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर नक्सली काले झंडे फहराते हैं। वे ग्रामीणों पर भी राष्ट्रीय पर्व पर काला झंडा लगाने का दबाव डालते हैं। लेकिन कई बार बच्चे और ग्रामीण इसका विरोध करते हुए तिरंगा फहराते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुनेश पढ़ाई में होनहार था और नक्सली गतिविधियों का विरोध करता था। इसी कारण उसे निशाना बनाया गया।
दो बड़े नक्सली नेताओं ने किया सरेंडर
इधर, तेलंगाना के अटकुरकटा में दो बड़े नक्सली नेताओं ने आत्मसमर्पण कर दिया। स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) के मुताबिक, अमरुला और सुनीता ने सरेंडर किया है। दोनों पर कुल मिलाकर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था – अमरुला पर 6 लाख और सुनीता पर 4 लाख। दोनों लंबे समय से छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं।
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