पूर्व IAS की बेटी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पंचायत अध्यक्ष पर फर्जी ST प्रमाण पत्र का आरोप, त्वरित जांच की मांग

Mohla-Manpur-Ambagadh Chowki District Panchayat President accused of fake ST certificate, demand for immediate investigation पूर्व IAS की बेटी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पंचायत अध्यक्ष पर फर्जी ST प्रमाण पत्र का आरोप, त्वरित जांच की मांग
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पूर्व IAS की बेटी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पंचायत अध्यक्ष पर फर्जी ST प्रमाण पत्र का आरोप, त्वरित जांच की मांग

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पंचायत अध्यक्ष पर फर्जी ST प्रमाण पत्र का आरोप, त्वरित जांच की मांग

छत्तीसगढ़ मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह जैन पर फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र के जरिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने और जीतने का गंभीर आरोप लगा है।

रायपुर निवासी विवेक कुमार सिंह ने ज़िला कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि श्रीमती जैन ने वर्ष 2020 के जिला पंचायत चुनाव में आवेदन संख्या 0704011912015079 के अंतर्गत 26 दिसंबर 2019 को जारी एक कथित फर्जी ST प्रमाण पत्र का उपयोग किया था। उन्होंने इस प्रमाण पत्र के आधार पर ST के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।

जांच समिति गठित, निष्पक्ष जांच की मांग

शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मोहला द्वारा 26 मई 2025 को पत्र क्रमांक 527/अविअ/2025 के माध्यम से पुष्टि की गई कि प्रमाण पत्र की प्रामाणिकता की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है।

इसके पश्चात, विवेक कुमार सिंह ने 29 मई 2025 को एक और शिकायत पत्र प्रस्तुत कर यह मांग की कि जांच कार्य 15 दिनों के भीतर पूर्ण किया जाए और उच्च स्तरीय समिति द्वारा निष्पक्ष ढंग से किया जाए, ताकि सच्चाई शीघ्र सामने आ सके।

फर्जी प्रमाण पत्र सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने यह मांग की है कि यदि प्रमाण पत्र फर्जी साबित होता है, तो:

उक्त ST प्रमाण पत्र तत्काल रद्द किया जाए

श्रीमती नम्रता सिंह जैन को जिला पंचायत अध्यक्ष पद से अयोग्य घोषित किया जाए

उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (BNS), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989, तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए

साथ ही, शिकायतकर्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्रमाण पत्र से संबंधित सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की भी मांग की है।

संविधान का उल्लंघन बताते हुए न्याय की अपील

विवेक कुमार सिंह ने अपने पत्र में इस पूरे प्रकरण को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 342 (जनजातियों की पहचान) और अनुच्छेद 243D (पंचायती राज में आरक्षण) का उल्लंघन बताया है। उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई की मांग की है और इसे सामाजिक न्याय और संवैधानिक मर्यादाओं से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय बताया है।

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