महराजगंज की महिला ने रची ठगी की अनोखी पटकथा: 7 महीने में की 25 शादियां, हर बार दूल्हे को बना डाला शिकार
महराजगंज की महिला ने रची ठगी की अनोखी पटकथा: 7 महीने में की 25 शादियां, हर बार दूल्हे को बना डाला शिकार
महराजगंज (उत्तर प्रदेश)। जिले से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे इलाके को सकते में डाल दिया है। कोल्हुई थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने पति के साथ मिलकर शादी के नाम पर ठगी का संगठित गिरोह खड़ा कर लिया। महिला ने सात महीनों के भीतर 25 बार शादी की, और हर बार शादी के कुछ दिन बाद ही दूल्हे के घर से नकदी, गहने और मोबाइल लेकर फरार हो जाती थी।
लव मैरिज से शुरू हुई साजिश की कहानी
इस महिला ने वर्ष 2018 में नौतनवा निवासी युवक से प्रेम विवाह किया था। दोनों के परिवारों के बीच पहले से संबंध थे। शादी के बाद जब दोनों गांव लौटे, तो महिला के व्यवहार से परेशान होकर ससुराल वालों ने उन्हें घर से अलग कर दिया। इसके बाद यह जोड़ा पास के एक खाली मकान में रहने लगा। यहीं से शुरू हुई शादी के नाम पर धोखाधड़ी की योजना।
2021 में बेटी को छोड़ गायब हुए, भोपाल बना नया ठिकाना
गांववालों के अनुसार, वर्ष 2021 में यह दंपती अपनी छह वर्षीय बेटी को गांव में छोड़कर अचानक गायब हो गया। बाद में पता चला कि दोनों ने भोपाल में नया ठिकाना बना लिया है और वहीं से उन्होंने ठगी का नेटवर्क खड़ा किया। इस गिरोह में कुल छह सदस्य शामिल थे, जो ऑनलाइन मैट्रिमोनियल ऐप्स के माध्यम से शिकार तलाशते थे।
हर शादी के बाद एक ही पैटर्न
गिरोह की कार्यशैली बेहद चालाकी से रची गई थी। महिला खुद को कुंवारी बताकर युवकों को शादी के लिए तैयार करती थी। शादी के कुछ दिन बाद वह उनके घर से कीमती सामान लेकर फरार हो जाती थी। बीते सात महीनों में 25 युवकों से शादी कर, वह हर बार एक नया शिकार बनाती रही।
राजस्थान पुलिस की योजना से हुआ पर्दाफाश
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के मान टाउन निवासी विष्णु शर्मा ने 3 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि भोपाल की एक लड़की से शादी कराने के लिए उनसे दो लाख रुपये लिए गए और सवाई माधोपुर कोर्ट में एक फर्जी विवाह अनुबंध तैयार कर शादी कराई गई। लेकिन शादी के तीन दिन बाद ही युवती नकदी और गहने लेकर गायब हो गई।
इसके बाद राजस्थान पुलिस ने महिला को पकड़ने के लिए एक विशेष ऑपरेशन चलाया। एक पुलिसकर्मी को शादी के इच्छुक युवक के रूप में महिला के संपर्क में भेजा गया। भोपाल में मुखबिरों की मदद से दबिश दी गई और अंततः महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।
महराजगंज पुलिस अनजान, लेकिन इलाका हैरान
हालांकि अभी तक इस संगठित ठगी गिरोह के बारे में महराजगंज पुलिस को कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन जैसे-जैसे यह खबर फैल रही है, इलाके में सनसनी और चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को अब समझ आ रहा है कि वर्षों पहले गांव छोड़ने वाली यह महिला कितनी बड़ी साजिश की मास्टरमाइंड बन चुकी थी।
यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था की चुनौती को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे आधुनिक तकनीक और सामाजिक परंपराओं का दुरुपयोग कर लोग अपराध की नई शक्लें गढ़ रहे हैं।
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