महंत की दो टूक: बस्तर नक्सल मुक्त हो, लेकिन जंगल-पहाड़ नहीं बिकने देंगे!
बस्तर में विकास और सुरक्षा को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता महंत ने एक बार फिर बस्तर में नक्सलमुक्ति की मांग उठाई, लेकिन साथ ही उद्योगों के विस्तार पर सवाल खड़े कर दिए। उनका कहना है कि बस्तर को शांत और सुरक्षित तो होना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यहां की जमीनें उद्योगपतियों को बेच दी जाएं।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने स्पष्ट कहा, "बस्तर को उद्योगों का अड्डा नहीं बनने देंगे। अगर सरकार ने कॉरपोरेट घरानों को जमीनें दीं या जंगलों को काटने का काम शुरू किया, तो हम जनता के साथ मिलकर विरोध करेंगे।"
राजनीतिक संकेत भी दिए
जब महंत से पूछा गया कि क्या वे छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में हैं, तो उन्होंने साफ इनकार किया। बोले, "मैं PCC अध्यक्ष की दौड़ में नहीं हूं। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे निभाऊंगा।"
अंदरूनी खींचतान भी झलकी
राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान और सशक्त नेतृत्व की तलाश से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, महंत के बयान से यह भी साफ होता है कि कांग्रेस का एक धड़ा आदिवासी क्षेत्र में अंधाधुंध औद्योगिकरण के खिलाफ है।
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