अवैध रेत उत्खनन के विरोध में उतरे ग्रामीण अवैध, उत्खनन से हाहाकार..
गांव वालों का आरोप है कि बंदूक की नोक पर अवैध तरीके से खनन
भरतपुर विकासखंड में मवई नदी और चांगभखार इलाके में लगातार अवैध रेत का खनन किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है. अवैध रेत खनन के खिलाफ ग्रामीणों में गुस्सा भी है. जनहित संघ के बैनर तले 'पंडो विकास समिति' के सैंकड़ों ग्रामीणों ने रेत सत्याग्रह शुरू कर दिया है. गांव वालों और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो नदी को लूटने की इजाजत नहीं देंगे. जिला प्रशासन और खनिज विभाग इसपर कार्रवाई करे. इलाके के लोगों का कहना है कि अवैध रेत खनन के चलते इलाके में लगातार जल सकंट बढ़ता जा रहा है.
अवैध रेत खनन के खिलाफ ग्रामीण लामबंद: स्थानीय लोगों की शिकायत है कि मवई नदी का जलस्तर भी तेजी से सूखता जा रहा है. गर्मी के दिनों में भीषण जलसंकट की शुरूआत हो चुकी है. गांव के कई कुएं और जल स्रोत सूख चुके हैं. मवेशियों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है.
नदी में लगातार पोकलेन मशीनों के जरिए रेत खनन का काम किया जा रहा है. मशीनों से रेत निकाले जाने के चलते कई गहरे गहरे गड्ढे बन गए हैं. गड्ढों की वजह से नदी का प्रवाह थम गया है: रामधनी, स्थानीय निवासी
रेत खनन के चलते आस पास के नदी नाले और झरने सूख रहे हैं. कुओं का पानी भी खत्म होता जा रहा है. गांव के लोग रोजमर्रा की जरुरतों के लिए पानी को तरह रहे हैं. हम चुप नहीं बैठेंगे: शिव प्रताप सिंह, पूर्व सरपंच
दबंग लोग बंदूक की नोक पर रेत ले जा रहे हैं. विरोध करने करने पर मारपीट की धमकी देते हैं. सीतामढ़ी के आस पास अवैध खनन कर बड़ी बड़ी गाड़ियों से रेत ले जाया जा रहा है. नियमों की अनदेखी कर रेत खनन हो रहा है. शिकायतों के बाद भी अवैध खनन का काम नहीं रुक रहा: लालसाय सिंह, सरपंच
खनिज अधिकारी की सफाई: इस संबंध में जब खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा से बात की गई तो उनका कहना था कि ''जिले में कोई अवैध खनन नहीं हो रहा है. जहां भी रेत निकाली जा रही है वो क्षेत्र लीज एरिया में आता है. नियमों का भी पालन किया जा रहा है''. खनिज विभाग के दावों को स्थानीय लोगों ने नकारा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मवई नदी का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है. अगर खनन चलता रहा तो नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा.
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