गिरफ्तारी के डर से थर-थर कांप रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई से इनकार लगाई फटकार कहा जाए..हाई कोर्ट

Former Chief Minister Bhupesh Baghel is trembling in fear of arrest, Supreme Court refused to hear the petition, it should be called a reprimand.. High Court गिरफ्तारी के डर से थर-थर कांप रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई से इनकार लगाई फटकार कहा जाए..हाई कोर्ट
 0
गिरफ्तारी के डर से थर-थर कांप रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई से इनकार लगाई फटकार कहा जाए..हाई कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट का भूपेश बघेल को झटका – हाईकोर्ट जाने की सलाह, याचिका पर सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चेतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई से साफ इनकार करते हुए उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि हर मामला हमारे पास लाया जाएगा, तो बाकी अदालतों का क्या उपयोग रह जाएगा?

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी:

सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा –

> “एक ही याचिका में पीएमएलए के प्रावधानों को चुनौती देने के साथ-साथ अग्रिम जमानत की व्यक्तिगत राहत मांगना न्यायिक दृष्टि से उचित नहीं है। अगर प्रभावशाली लोग सीधे सुप्रीम कोर्ट आएंगे, तो हाईकोर्ट्स का क्या होगा? आम आदमी को भी तो न्याय पाने का मौका मिलना चाहिए।”

18 अगस्त तक जेल में रहेंगे चेतन्य बघेल

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में गिरफ्तार भूपेश बघेल के बेटे चेतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड बढ़ा दी गई है। सोमवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें अब 18 अगस्त तक जेल में ही रहना होगा। उनकी 14 दिन की रिमांड समाप्त होने पर यह पेशी हुई थी।

भूपेश बघेल की याचिका में क्या कहा गया था?

पूर्व सीएम ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हो सकती है।

उन्होंने आग्रह किया था कि उन्हें गिरफ्तार न किया जाए और जांच में सहयोग करने का मौका दिया जाए।

भूपेश ने यह भी दावा किया कि जिस तरह उनके बेटे को निशाना बनाया गया, उसी तरह उन्हें भी राजनीतिक कारणों से फंसाया जा सकता है।

डिप्टी सीएम का तंज – “वारंट ही नहीं, फिर जमानत क्यों?”

बालोद दौरे पर पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भूपेश बघेल पर कटाक्ष करते हुए कहा:

> “जब उनके खिलाफ कोई वारंट ही जारी नहीं हुआ, तो सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका का क्या औचित्य है? आखिर उन्हें किस बात का डर सता रहा है?”

राजनीति, कानून और जांच एजेंसियाँ – टकराव तेज

छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला धीरे-धीरे कानूनी और राजनीतिक टकराव का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद अब नजरें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिक गई हैं, जहां से भूपेश और चेतन्य को अंतरिम राहत की उम्मीद है।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0