30 साल का अनुभव बना दीवार, सूचना आयोग की नियुक्ति पर लगी ब्रेक
छत्तीसगढ़ में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति एक बार फिर विवादों में घिर गई है। हाईकोर्ट ने अनुभव की नई शर्तों को लेकर उठे सवालों के बीच दोनों पदों की नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा दी है।
मामला उस वक्त गरमाया जब सरकार ने 9 मई को इंटरव्यू कॉल लेटर जारी किए, जिनमें 25 से 30 साल तक के अनुभव की नई शर्तें जोड़ दी गईं। कई वरिष्ठ उम्मीदवार इस बदलाव से बाहर हो गए और इसे लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।
शर्तों में फेरबदल ने बढ़ाया बवाल
सरकार ने सूचना, प्रशासन, पत्रकारिता, जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में लंबे अनुभव को अनिवार्य करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव किया। लेकिन याचिकाकर्ताओं ने इसे “मनमानी” बताते हुए कहा कि पहले से तय मानकों में इंटरव्यू से ठीक पहले बदलाव करना न्यायसंगत नहीं है।
51 ही पहुंचे इंटरव्यू तक
सैकड़ों आवेदनों में से सिर्फ 51 को इंटरव्यू के लिए चुना गया। कई योग्य दावेदार केवल नई शर्तों के कारण चयन से बाहर हो गए। इसी आधार पर वकील डी.के. सोनी ने हाईकोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कीं।
मुख्य पद नवंबर से खाली
मुख्य सूचना आयुक्त का पद 1 नवंबर 2023 से खाली पड़ा है, वहीं मौजूदा आयुक्त डी.के. शुक्ल का कार्यकाल भी 21 मई 2025 को समाप्त हो गया। राज्य में सूचना का अधिकार पूरी तरह से निष्क्रिय होने की कगार पर है।
हाईकोर्ट का सख्त रुख
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक इन अनुभव शर्तों की वैधता पर निर्णय नहीं होता, तब तक नियुक्ति नहीं की जा सकती। अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी, तब तक नियुक्तियों पर रोक जारी रहेगी।
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