इंजीनियरिंग में श्रीकृष्ण की गीता: छत्तीसगढ़ के छात्रों को अब तकनीक संग धर्म, ज्योतिष और संविधान भी पढ़ाया जाएगा
छत्तीसगढ़ में इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब सिर्फ मशीनों और कोडिंग तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य की तकनीकी यूनिवर्सिटी (CSVTU) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से सिलेबस में बड़ा बदलाव करते हुए 4 नए विषय शामिल करने का फैसला किया है, जिनमें सबसे खास है श्रीमद्भागवत गीता।
क्या होंगे नए विषय?
1. श्रीमद्भागवत गीता – छात्रों को गीता के श्लोक, उनका अर्थ और आधुनिक जीवन में उनकी उपयोगिता सिखाई जाएगी।
2. प्राचीन भारतीय गणित – आर्यभट्ट और भास्कराचार्य जैसे गणितज्ञों के सिद्धांत और सूत्र पढ़ाए जाएंगे।
3. भारतीय संस्कृति एवं ज्योतिष विज्ञान – वेद, पुराण और पंचांग के माध्यम से छात्रों को भारतीय जीवन दर्शन से जोड़ने की कोशिश।
4. भारतीय संविधान और नागरिक कर्तव्य – संविधान की मूल भावना और जिम्मेदार नागरिक बनने की शिक्षा।
क्यों लिया गया ये फैसला?
CSVTU के कुलपति ने बताया कि यह कदम ‘नई शिक्षा नीति’ (NEP 2020) के तहत उठाया गया है, जिससे छात्रों में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्य, सांस्कृतिक समझ और वैज्ञानिक सोच भी विकसित हो।
छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
कुछ छात्रों ने इसे “आत्मिक विकास के लिए जरूरी” बताया, तो कुछ ने कहा कि “तकनीकी कोर सब्जेक्ट्स पहले से ही भारी हैं, अब और लोड बढ़ेगा।” वहीं, शिक्षकों ने इसे “बैलेंस ऑफ टेक्नोलॉजी एंड ट्रेडिशन” कहा।
कक्षा का फॉर्मेट कैसा होगा?
यह विषय कंपलसरी नहीं होंगे, बल्कि इलेक्टिव के तौर पर ऑप्शनल रहेंगे।
1 सेमेस्टर में एक विषय चुनने की सुविधा मिलेगी।
मूल्यांकन में प्रोजेक्ट, निबंध और वाद-विवाद को शामिल किया जाएगा।
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