न्याय यात्रा का दूसरा दिन: बचेली से धुरली तक कांग्रेस का कारवां, बस्तर के जल-जंगल-ज़मीन की रक्षा का संकल्प

Day 2 of Nyay Yatra: Congress caravan from Bacheli to Dhurali, resolve to protect water, forest and land of Bastar न्याय यात्रा का दूसरा दिन: बचेली से धुरली तक कांग्रेस का कारवां, बस्तर के जल-जंगल-ज़मीन की रक्षा का संकल्प
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न्याय यात्रा का दूसरा दिन: बचेली से धुरली तक कांग्रेस का कारवां, बस्तर के जल-जंगल-ज़मीन की रक्षा का संकल्प

न्याय यात्रा का दूसरा दिन: बचेली से धुरली तक कांग्रेस का कारवां, बस्तर के जल-जंगल-ज़मीन की रक्षा का संकल्प

दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ | 28 मई 2025:कांग्रेस पार्टी द्वारा बस्तर की समृद्ध संस्कृति, संसाधनों और पर्यावरण की रक्षा के उद्देश्य से निकाली जा रही चार दिवसीय न्याय यात्रा ने अपने दूसरे दिन बचेली से धुरली तक का सफर तय किया। इस पदयात्रा में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं शामिल हुए। उन्होंने पदयात्रा में भाग लेकर आम जनता को संबोधित किया और बस्तर की मिट्टी, जंगल और अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता को दोहराया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में चल रही यह न्याय यात्रा बस्तर के आदिवासियों, उनकी जमीन और संसाधनों पर मंडरा रहे कॉर्पोरेट के खतरे के खिलाफ एक जनआंदोलन का रूप ले रही है। आज की यात्रा का समापन धुरली में हुआ, जहां न्याय यात्रा के सदस्य रात्रि विश्राम करेंगे। यात्रा का तीसरा दिन धुरली से आरंभ होगा।

भूपेश बघेल का तीखा प्रहार: डबल इंजन सरकार का षड्यंत्र

सभा को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा:

> "बस्तर के हक, जल-जंगल-ज़मीन और खनिज संसाधनों को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने न्याय यात्रा की शुरुआत की है। भाजपा की डबल इंजन सरकार बस्तर के संसाधनों को अपने उद्योगपति मित्रों को सौंपने का षड्यंत्र रच रही है। नगरनार स्टील प्लांट को निजी हाथों में न सौंपने की 'मोदी गारंटी' भी आज तक झूठ साबित हो रही है।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा बस्तर के आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ी रही है और आगे भी संघर्ष करती रहेगी।

दीपक बैज का आरोप: पेड़ों की कटाई और विभागों की चुप्पी

प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने हाल ही में बीजापुर के कोरंडम खदान क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ों की चुपचाप कटाई को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:

> "यह स्पष्ट है कि सरकार में बैठे जिम्मेदार लोग या तो अनभिज्ञता का दिखावा कर रहे हैं या जानबूझकर चुप हैं। खनिज, पर्यावरण और वन विभाग से इस पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं आया है। बस्तर के संसाधनों को किसके आदेश पर लूटा जा रहा है?"

दीपक बैज ने यह भी आरोप लगाया कि आदिवासी मुख्यमंत्री को केवल एक कठपुतली की तरह इस्तेमाल कर भाजपा सरकार आदिवासी विरोधी निर्णय थोप रही है।

न्याय यात्रा में प्रमुख नेता शामिल

न्याय यात्रा में भूपेश बघेल और दीपक बैज के अलावा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी शामिल रहे:

देवती कर्मा (पूर्व विधायक, दंतेवाड़ा)

विक्रम मंडावी (विधायक, बीजापुर)

जनक राम ध्रुव (विधायक, बिंद्रा-नवागढ़)

रेखचंद जैन (पूर्व विधायक)

इन सभी नेताओं की उपस्थिति ने यात्रा को मजबूत जनसमर्थन और राजनीतिक संबल प्रदान किया।

यात्रा का उद्देश्य और जनभावनाओं से जुड़ाव

न्याय यात्रा केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि बस्तर के आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और जीवन की रक्षा का प्रतीक बन चुकी है। इसमें शामिल नेता आमजनों से सीधा संवाद कर रहे हैं, उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक सशक्त आवाज बन रहे हैं।

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