नक्सल गढ़ में माटी कला केंद्र बना बदलाव की मिसाल: ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता

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नक्सल गढ़ में माटी कला केंद्र बना बदलाव की मिसाल: ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता

दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों को स्व रोजगार उपलब्ध कराने के लिए माटी कला केंद्र संचालित किया जा रहा है । पहले इसे स्व सहायता समूह के माध्यम से संचालित किया जा रहा था, जिसे साल भर पहले जिला प्रशासन की पहल पर विस्तार स्तर पर शुरू किया गया है।

माटी कला केंद्र प्रबंधन के संचालक विमल देवश ने जानकारी दी माटी कला केंद्र प्रबंधन व जिला प्रशासन की पहल से माटी कला केंद्र संचालित किया जा रहा है. जिसके माध्यम से नक्सलगढ़ के ग्रामीणों को माटी कला केंद्र से जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होने बताया कि माटी कला केंद्र में इस समय 10 से 12 लोग जुड़े हैं, जो मिट्टी से कई चीजें बनाना सीख रहे हैं। जिसमें मिट्टी से बर्तन, दीए, फूलदान, प्लेट, गिलास, पानी की बोतल के साथ ही मूर्तियां, मुखौटे बनाए जा रहे हैं। माटी कला केंद्र में नक्सलगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को मिट्टी कला के बारे में बताया और सिखाया जा रहा है। उन्होने बताया कि माटी कला केंद्र में बने मिट्टी के बर्तनों और कलाकृतियों की डिमांड बहुत है। पड़ोसी राज्यों में भी यहां के उत्पाद भेजे जाते हैं। उम्मीद है आने वाले समय में इन ग्रामीणों को और ज्यादा रोजगार उपलब्ध हो सकेगा और वह आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

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