जल जीवन मिशन में 3 साल से भुगतान लंबित, ठेकेदारों का दावा-3000 करोड़ बकाया

Claims regarding salaries and housing units under the Jal Jeevan Mission over the past three years amount to ₹3,000 crore.
 0
जल जीवन मिशन में 3 साल से भुगतान लंबित, ठेकेदारों का दावा-3000 करोड़ बकाया

जल जीवन मिशन में 3 साल से भुगतान लंबित, ठेकेदारों का दावा-3000 करोड़ बकाया

कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेश शुक्ला ने जल जीवन मिशन के संचालक आर. एक्का से की मुलाकात, 5 अक्टूबर तक समाधान का दिया समय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे ठेकेदारों के भुगतान का मामला एक बार फिर गरमा गया है। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जल जीवन मिशन के मिशन संचालक आर. एक्का से मुलाकात कर लंबे समय से लंबित भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की। एसोसिएशन का दावा है कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत काम करने वाले ठेकेदारों का करीब 3 हजार करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है और कई ठेकेदार पिछले तीन वर्षों से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।

एसोसिएशन के मुताबिक जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के करीब 26 हजार गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए सिंगल विलेज, रेट्रोफिटिंग, सोलर आधारित योजना, मल्टी विलेज स्कीम (MVS), आश्रित गांवों में जलप्रदाय, बोरिंग सहित अलग-अलग योजनाओं के तहत निर्माण कार्य कराए गए। हालांकि भुगतान लंबित होने के कारण ठेकेदारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

कई स्तरों पर शिकायत के बाद भी समाधान नहीं

कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि भुगतान की समस्या को लेकर ठेकेदारों ने कई बार शासन और विभाग का ध्यान आकर्षित किया है। ठेकेदारों ने नीर भवन का घेराव और विधानसभा घेराव भी किया। इसके अलावा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव से मुलाकात कर समस्या रखी गई तथा प्रमुख सचिव को पत्र सौंपा गया। मुख्यमंत्री और जल जीवन मिशन के पूर्व मिशन संचालक को भी पत्रों और बैठकों के माध्यम से समस्या से अवगत कराने की बात एसोसिएशन ने कही है।

एसोसिएशन के अनुसार राज्यपाल को भी इस संबंध में पत्र दिया गया, लेकिन इसके बावजूद लंबित भुगतान की समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।

मिशन संचालक ने भुगतान को लेकर क्या कहा?

प्रतिनिधिमंडल ने मिशन संचालक आर. एक्का के साथ विभिन्न योजनाओं के तहत किए गए निर्माण कार्यों के भुगतान पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में रेट्रोफिटिंग और मल्टी विलेज स्कीम (MVS) के आश्रित गांवों से संबंधित भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

एसोसिएशन के मुताबिक मिशन संचालक ने बताया कि इन कार्यों के भुगतान के लिए राज्य शासन के वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है और शासन के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

वहीं सिंगल विलेज योजनाओं में भुगतान जारी किए जाने की जानकारी भी मिशन संचालक की ओर से दी गई।

ठेकेदारों का आरोप-मैदानी अधिकारी नहीं कर रहे सहयोग

एसोसिएशन ने बैठक में यह भी आरोप लगाया कि भुगतान और निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों में संभाग स्तर पर पदस्थ कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और उप अभियंताओं की भूमिका संतोषजनक नहीं है। ठेकेदारों का कहना है कि कई जगह अधिकारी निर्माण कार्यों को पूरा कराने और भुगतान से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की निष्क्रियता से न केवल ठेकेदार परेशान हैं, बल्कि इससे शासन की योजनाओं की छवि भी प्रभावित हो रही है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।

5 अक्टूबर को फिर होगी बैठक

बैठक के दौरान कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भुगतान से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग को 15 दिन का समय दिया है। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे आगामी 5 अक्टूबर को फिर मिशन संचालक से मुलाकात करेंगे और तब तक भुगतान तथा अन्य लंबित मामलों में हुई कार्रवाई की जानकारी लेंगे।

ठेकेदारों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान अटके रहने के कारण निर्माण एजेंसियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में शासन स्तर से लंबित भुगतान का शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग की गई है।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल

कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष वीरेश शुक्ला अनिल तिवारी, दिवेश धर दीवान, अनिल चंसोरिया, राजेश शर्मा, राकेश जोशी, विष्णु तापड़िया, नंद कुमार चंद्राकर, विनोद अग्रवाल और अब्दुल हमीद खान सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0